कॉमनवेल्थ गेम्स: गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर रेस में रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला मेडल
भारतीय एथलेटिक्स के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक ऐतिहासिक दिन आया, जब लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स…
भारतीय एथलेटिक्स के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक ऐतिहासिक दिन आया, जब लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का पहला पदक है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गुलवीर की इस शानदार उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी है।
राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुलवीर को बधाई देते हुए लिखा, "गुलवीर सिंह, आपकी शानदार उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई... आपने पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला मेडल जीता है। देश को आप पर गर्व है।" वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें 'उत्तर प्रदेश का सपूत' बताते हुए कहा कि उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि अथक परिश्रम और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में कड़ा मुकाबला
ग्लासगो के स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में हुई इस रोमांचक दौड़ में गुलवीर ने 27:49.78 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की 27:50.28 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहकर ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहे।
गांव की पगडंडियों से अंतरराष्ट्रीय पोडियम तक
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में 1 जून 1998 को जन्मे गुलवीर सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। सेना में भर्ती की तैयारी के दौरान गांव के खेतों और सड़कों पर दौड़ने से शुरू हुआ उनका सफर आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहा है। वह 2018 में भारतीय सेना की 'द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट' का हिस्सा बने।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन
गुलवीर ने इससे पहले भी कई बड़ी प्रतियोगिताओं में अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने 2023 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 5000 मीटर स्पर्धा में ब्रॉन्ज और 2022 एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2025 में दक्षिण कोरिया में हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों ही स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
इनपुट: IANS


