राजस्थान को दो बार रणजी चैंपियन बनाने वाले कोच अमित असावा की कहानी
क्रिकेट की दुनिया में कई खिलाड़ी मैदान पर बड़ी कामयाबी हासिल नहीं कर पाते, लेकिन कोचिंग में इतिहास रच देते हैं। भारत में ऐसे ही एक कोच हैं अमित असावा, जिनके मार्गदर्शन में राजस्थान ने वह कर दिखाया जो…
क्रिकेट की दुनिया में कई खिलाड़ी मैदान पर बड़ी कामयाबी हासिल नहीं कर पाते, लेकिन कोचिंग में इतिहास रच देते हैं। भारत में ऐसे ही एक कोच हैं अमित असावा, जिनके मार्गदर्शन में राजस्थान ने वह कर दिखाया जो पहले कभी नहीं हुआ था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, असावा की कोचिंग में ही राजस्थान ने न केवल अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता, बल्कि लगातार दो बार यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट अपने नाम किया।
साल 2010-11 और 2011-12 में राजस्थान की टीम ने असावा की रणनीति और नेतृत्व में घरेलू क्रिकेट पर अपनी धाक जमाई। यह राजस्थान के क्रिकेट इतिहास का स्वर्णिम दौर था, क्योंकि इसके बाद टीम फिर कभी रणजी ट्रॉफी नहीं जीत सकी। यह उपलब्धि अमित असावा के क्रिकेट कौशल और उनकी गहरी समझ को साबित करती है।
एक खिलाड़ी के तौर पर करियर
12 सितंबर 1963 को मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मे अमित असावा बाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज थे। उन्होंने 1984 से 1991 के बीच राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होंने 26 प्रथम श्रेणी मैच और एक लिस्ट-ए मैच में हिस्सा लिया।
अपने प्रथम श्रेणी करियर की 42 पारियों में उन्होंने 1,125 रन बनाए, जिसमें एक शतक और छह अर्धशतक शामिल थे। उनका सर्वोच्च स्कोर 128 रन रहा। गेंदबाजी में उन्हें सिर्फ दो विकेट मिले। वहीं, अपने एकमात्र लिस्ट-ए मैच में उन्होंने नाबाद 34 रन बनाए थे। बतौर खिलाड़ी सीमित सफलता के बावजूद, उन्होंने कोचिंग के जरिए अपनी अमिट छाप छोड़ी।
इनपुट: IANS


