रणजी ट्रॉफी के हीरो आकिब नबी की टीम इंडिया में एंट्री, जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक पल
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी को भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार शामिल किया गया है। समाचार एजेंसी IANS…
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी को भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार शामिल किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जसप्रीत बुमराह के बाहर होने के बाद नबी को श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हो रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया है। वह जम्मू-कश्मीर से भारत की टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
आकिब नबी का यह चयन परवेज रसूल और उमरान मलिक के बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रीय टीम में पहुंचने वाला तीसरा खिलाड़ी बनाता है, हालांकि रसूल और मलिक ने भारत के लिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेला था। नबी के चयन की खबर से पूरे जम्मू-कश्मीर में खुशी का माहौल है, क्योंकि यह युवा क्रिकेटरों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।
शानदार घरेलू प्रदर्शन का मिला इनाम
आकिब नबी को यह मौका उनके रणजी ट्रॉफी में किए गए असाधारण प्रदर्शन के दम पर मिला है। उन्होंने पिछले दो रणजी सीजन में कुल 104 विकेट हासिल किए हैं। इसी सीजन में उन्होंने 60 विकेट चटकाकर जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके इसी प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम इंडिया में शामिल करने की मांग लगातार उठ रही थी।
साथी और कोच ने जताई खुशी
आकिब के साथ घरेलू क्रिकेट में नई गेंद साझा करने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सुनील कुमार ने उनके चयन पर बेहद खुशी जताई। उन्होंने IANS से कहा, "मैं उनके लिए बहुत खुश हूं क्योंकि वे बहुत ही सादगी पसंद इंसान हैं। वे बहुत मेहनती हैं। आज उनकी मेहनत का फल उन्हें मिला है, जिसके वे सच में हकदार हैं।" सुनील का मानना है कि नबी का चयन जम्मू-कश्मीर के युवा क्रिकेटरों के लिए एक अहम मोड़ साबित होगा, क्योंकि इससे "वह दरवाजा खुल गया है जो लंबे समय से बंद था।"
वहीं, आकिब के शुरुआती कोच मुजफ्फर मट्टू ने उनके सफर को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने 2010 में उन्हें उनके घर के आंगन में खेलते हुए देखा और अपने क्लब में शामिल किया। मट्टू ने कहा, "यह हम सभी के लिए और पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए बहुत अच्छा पल है। हम बहुत खुश हैं कि आकिब को टीम इंडिया में बुलाया गया है और हमें उम्मीद है कि वह वैसा ही प्रदर्शन करेंगे जैसा उन्होंने रणजी ट्रॉफी में किया है।"
मानसिक मजबूती है सबसे बड़ी ताकत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाली चुनौतियों को लेकर सुनील कुमार को भरोसा है कि आकिब का स्वभाव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। उन्होंने कहा, "आकिब नबी अच्छा करेंगे। इसमें कोई शक नहीं है क्योंकि वह मानसिक रूप से बहुत मजबूत हैं। उन्हें पता है कि हालात कैसे भी हों... उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।" सुनील ने अपने साथी को सलाह दी कि वह उसी प्रक्रिया पर भरोसा रखें जिसने उन्हें यहां तक पहुंचाया है।
इनपुट: IANS


