रज़ा मुराद ने आशा भोसले को किया याद, बोले- 'उनसे मिलना सपने के सच होने जैसा था'
दिग्गज अभिनेता रज़ा मुराद ने हाल ही में महान गायिका आशा भोसले को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने आशा जी को अपनी सबसे पसंदीदा गायिका बताते हुए कहा कि उनकी जगह कोई और नहीं ले सकता…
दिग्गज अभिनेता रज़ा मुराद ने हाल ही में महान गायिका आशा भोसले को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने आशा जी को अपनी सबसे पसंदीदा गायिका बताते हुए कहा कि उनकी जगह कोई और नहीं ले सकता।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रज़ा मुराद ने इंस्टाग्राम पर आशा भोसले के साथ अपनी एक तस्वीर पोस्ट की। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मेरी सबसे पसंदीदा गायिका दिवंगत आशा भोसले जी के साथ, जिन्होंने अपनी सुरीली आवाज से 60 साल से भी ज्यादा समय तक लाखों फैंस का दिल जीता। उनसे मिलना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। ऐसी अमर गायिका की जगह कोई नहीं ले सकता, उनकी आवाज में जादू था।"
संगीत की दुनिया पर छह दशकों का राज
आशा भोसले भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित पार्श्व गायिकाओं में से एक मानी जाती हैं। उन्होंने रोमांटिक गानों से लेकर जोशीले धुनों, गजलों और शास्त्रीय संगीत तक, हर विधा में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
उन्होंने बहुत कम उम्र में ही गाना शुरू कर दिया था। 1948 में फिल्म 'चुनरिया' के गीत 'सावन आया' से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपना सफर शुरू किया। शुरुआती दिनों में उन्हें अक्सर वे गाने मिलते थे जिन्हें दूसरी गायिकाएं छोड़ देती थीं, लेकिन अपनी अनूठी शैली से उन्होंने इन्हीं गानों को यादगार बना दिया।
पुरस्कार और यादगार गीत
आशा भोसले ने 'आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा', 'पिया तू अब तो आजा', 'दम मारो दम' और 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को' जैसे कई ऐतिहासिक गीत गाए। उन्हें 1981 की फिल्म 'उमराव जान' के गीत 'इन आंखों की मस्ती' के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायिका का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था। बता दें कि इसी साल 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु में सीने में संक्रमण के कारण उनका निधन हो गया था।
इनपुट: IANS


