एशियन गेम्स 2026 बॉक्सिंग: लवलीना ने रोमांचक जीत के साथ फाइनल में बनाई जगह, सिल्वर मेडल पक्का
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन ने दमदार वापसी करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में उन्होंने कज़ाकिस्तान…
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन ने दमदार वापसी करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में उन्होंने कज़ाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को एक बेहद करीबी मुकाबले में 3-2 के स्प्लिट फैसले से मात दी। इस शानदार जीत के साथ लवलीना का कम से कम सिल्वर मेडल तय हो गया है, हालांकि देश को उनसे गोल्ड की उम्मीद है।
लवलीना लगातार दो एशियाई खेलों के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज़ बनकर इतिहास रच दिया है। हालांकि, सेमीफाइनल की शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही थी। पहले राउंड में वह लय में नहीं दिखीं और इसे 2-3 से गँवा बैठीं।
दूसरे राउंड से बदली बाज़ी
पहला राउंड हारने के बाद लवलीना ने अपनी रणनीति में बदलाव किया, जिसका असर साफ देखने को मिला। उन्होंने दूसरे और तीसरे, दोनों राउंड अपने नाम किए। उनके दमदार पंचों के सामने कज़ाकिस्तान की मुक्केबाज़ मुश्किल में नज़र आईं। दूसरे राउंड में सभी पाँच जजों ने लवलीना को 10-10 अंक दिए, जबकि तीसरे राउंड में दो जजों से 10 और तीन से 9 अंक मिले, जो उनकी जीत के लिए काफी साबित हुए।
अन्य भारतीय मुक्केबाज़ों का प्रदर्शन
जहाँ लवलीना ने फाइनल में जगह बनाई, वहीं कुछ अन्य भारतीय मुक्केबाज़ों को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। महिला मुक्केबाज़ प्रिया घंघस को चीन की यांग चेंग्यू के खिलाफ 1-4 से हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुषों के वर्ग में, नरेंद्र को सेमीफाइनल में ओरलबे के हाथों 0-5 की एकतरफा हार झेलनी पड़ी और उन्होंने भी कांस्य पदक जीता।
हालांकि, भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि पुरुष मुक्केबाज़ अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और महिला मुक्केबाज़ परवीन हुड्डा (65 किग्रा) भी अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुँच चुके हैं। परवीन ने सेमीफाइनल में चीन की ली शू को 5-0 से करारी शिकस्त दी थी।
इनपुट: IANS


