एशियन गेम्स 2026: तीरंदाजी में भारत का स्वर्णिम प्रदर्शन, राजेश-चिकिथा ने शूट-ऑफ में गोल्ड जीता
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने एक बार फिर देश का परचम लहराया है। राजेश जाधव और चिकिथा तनिपार्थी की मिक्स्ड कंपाउंड टीम ने एक बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक…
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने एक बार फिर देश का परचम लहराया है। राजेश जाधव और चिकिथा तनिपार्थी की मिक्स्ड कंपाउंड टीम ने एक बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस जीत के साथ ही भारत ने लॉस एंजिल्स में 2028 में होने वाले ओलंपिक के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा भी हासिल कर लिया है, जो पहली बार ओलंपिक खेलों में शामिल होगा।
यह आइची-नागोया में चिकिथा तनिपार्थी का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में भी गोल्ड मेडल जीता था। इन जीतों के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल स्वर्ण पदकों की संख्या आठ हो गई है। भारत की कुल पदक तालिका अब 54 पर पहुंच गई है, जिसमें 8 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य पदक शामिल हैं।
शूट-ऑफ में तय हुआ विजेता
फाइनल मुकाबला बेहद करीबी रहा और तय स्कोर के बाद भारत और दक्षिण कोरिया 157-157 की बराबरी पर थे। इसके बाद विजेता का फैसला शूट-ऑफ से हुआ, जहाँ भारतीय जोड़ी ने संयम और सटीकता का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया की पार्क जुंगयून और चोई योंगही की जोड़ी को मात दी।
मैच के अंतिम पलों में जब स्कोर बराबर करने के लिए भारत को 20 अंकों की ज़रूरत थी, तब चिकिथा ने 9 अंक और साहिल ने बेहद दबाव में 10 अंक का निशाना लगाकर मैच को शूट-ऑफ में पहुंचा दिया। शूट-ऑफ में भी मुकाबला कांटे का रहा, लेकिन अंत में चोई के 9 अंक के मुकाबले साहिल के 10 अंक ने भारत की जीत पर मुहर लगा दी।
मैच का रोमांचक सफर
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारतीय जोड़ी ने पहले एंड के बाद 40-39 की बढ़त बनाई और आधे मुकाबले तक इसे 80-78 तक पहुंचा दिया। दक्षिण कोरियाई टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय तीरंदाज अपनी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहे। आखिरी एंड में दक्षिण कोरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कोर बराबर कर लिया, जिसके बाद शूट-ऑफ का सहारा लेना पड़ा।
इनपुट: IANS


