एशियाई पैरा गेम्स: प्रीति पाल का शानदार प्रदर्शन, 100 मीटर दौड़ में भी भारत को दिलाया सिल्वर
भारतीय पैरा एथलीट प्रीति पाल ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दूसरा मेडल जीत लिया है। मंगलवार को 200 मीटर दौड़ में सिल्वर जीतने के बाद, उन्होंने बुधवार को महिलाओं की…
भारतीय पैरा एथलीट प्रीति पाल ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दूसरा मेडल जीत लिया है। मंगलवार को 200 मीटर दौड़ में सिल्वर जीतने के बाद, उन्होंने बुधवार को महिलाओं की 100 मीटर टी35 स्पर्धा में भी रजत पदक अपने नाम किया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रीति ने यह दौड़ 29.53 सेकंड के बेहतरीन समय में पूरी कर दूसरा स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ ही उन्होंने इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपने पदकों की संख्या दो कर ली है।
चुनौतियों से जीत तक का सफर
उत्तर प्रदेश के एक किसान परिवार में जन्मीं प्रीति का जीवन जन्म से ही चुनौतियों भरा रहा है। जन्म के समय से ही शारीरिक मुश्किलों का सामना करने वाली प्रीति को शुरुआती दिनों में छह दिनों तक शरीर के निचले हिस्से पर प्लास्टर लगाकर रखना पड़ा था। पैरों की कमजोरी के कारण उन्हें पांच साल की उम्र में कैलिपर्स का सहारा लेना पड़ा, जिसे उन्होंने आठ साल तक पहना।
खेलों से जुड़ाव और उपलब्धियाँ
17 साल की उम्र में सोशल मीडिया पर पैरालंपिक गेम्स की क्लिप्स देखकर प्रीति की रुचि पैरा-स्पोर्ट्स में जगी। कोच और पैरालंपियन फातिमा खातून से मिलने के बाद उनके करियर को नई दिशा मिली। 2023 में हांगझू एशियाई पैरा गेम्स से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
प्रीति पाल के नाम कई बड़ी उपलब्धियाँ हैं, जिनमें पैरालंपिक्स में दो कांस्य पदक, वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। खास तौर पर, पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में उन्होंने इतिहास रचते हुए 100 मीटर और 200 मीटर टी35 स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते, जिससे वह पैरालंपिक या ओलंपिक के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनीं।
इनपुट: IANS


