BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: थॉम-डेल्फिन ने रचा इतिहास, फ्रांस को दिलाया पहला मिक्स्ड डबल्स गोल्ड
फ्रांस के बैडमिंटन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। थॉम गिस्कल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में मिक्स्ड डबल्स का स्वर्ण पदक जीतकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह…
फ्रांस के बैडमिंटन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। थॉम गिस्कल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में मिक्स्ड डबल्स का स्वर्ण पदक जीतकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह पहला मौका है जब फ्रांस ने इस कैटेगरी में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस फ्रांसीसी जोड़ी ने फाइनल में चीन की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी को एक कड़े मुकाबले में मात दी।
खिताबी मुकाबले में गिस्कल और डेलरू का सामना चीन के फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग से हुआ। यह मैच तीन गेम तक चला, जिसमें फ्रांसीसी जोड़ी ने 22-20, 19-21, 21-15 से जीत दर्ज की। पहला गेम रोमांचक रहा जिसे उन्होंने 22-20 से अपने नाम किया, लेकिन दूसरे गेम में चीनी जोड़ी ने 21-19 से वापसी की। हालांकि, निर्णायक तीसरे गेम में थॉम और डेल्फिन ने शानदार खेल दिखाते हुए 21-15 से जीत हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।
"बस बोतल उठाएंगे और मुंह से लगाएंगे"
इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने की योजना के बारे में पूछे जाने पर थॉम गिस्कल ने बेबाकी से जवाब दिया, "हम बोतल उठाएंगे और उसे सीधे मुंह से लगाएंगे। बस यही प्लान है।" उनकी साथी डेल्फिन डेलरू ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, "बहुत सारी भावनाएं हैं, सच में बहुत खुश और फ्रांस के लिए पहला गोल्ड जीतने पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है।"
डेलरू ने मैच को शानदार बताते हुए कहा कि दोनों टीमों ने बहुत अच्छा खेला और उन्हें जीत के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा, "पोडियम पर पहली बार राष्ट्रगान सुनना अद्भुत है।" गिस्कल ने इस जीत को फ्रांस के बैडमिंटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "जब आप 10 साल के होते हैं, तो आप कभी नहीं सोचते कि ऐसा हो सकता है, और सच कहूं तो इस पर यकीन करना मुश्किल है।"
भारत में खेलने का अनुभव
फ्रांसीसी जोड़ी ने भारत में खेलने के अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह हफ्ता बहुत अच्छा रहा। सब कुछ बहुत अच्छे से आयोजित किया गया था। इसके साथ ही हॉल में मदद के लिए बहुत सारे लोग थे। हमने इंडिया ओपन के मुकाबले इसमें काफी फर्क देखा, जहां कभी-कभी हालात मुश्किल होते हैं।"
इनपुट: IANS


