BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: 'बस गोल्ड मेडल की कमी है', क्या एंडर्स एंटोनसेन इस बार खत्म कर पाएंगे सूखा?
डेनमार्क के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसेन सोमवार को नई दिल्ली में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना अभियान शुरू करेंगे। उनकी नजरें उस एक मेडल पर टिकी हैं, जो अब तक उनके शानदार कलेक्शन से दूर…
डेनमार्क के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसेन सोमवार को नई दिल्ली में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना अभियान शुरू करेंगे। उनकी नजरें उस एक मेडल पर टिकी हैं, जो अब तक उनके शानदार कलेक्शन से दूर रहा है - गोल्ड। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 28 वर्षीय एंटोनसेन का मानना है कि इस बार खिताब जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी, लेकिन राह आसान नहीं है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में एंटोनसेन पहले ही एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "हां, आप सही हैं। मैंने तीन बार ब्रॉन्ज और एक बार सिल्वर जीता है। कलेक्शन में जो चीज मुझसे छूट गई है वह गोल्ड है। अगर मैं उसे जीत पाता तो यह कमाल का और सपना सच होने जैसा होता।"
पुरुष सिंगल्स में बढ़ा मुकाबला
एंटोनसेन का मानना है कि पुरुष सिंगल्स में अब कोई एक या दो खिलाड़ी फेवरेट नहीं रहे, बल्कि मुकाबला काफी खुला हो गया है। उन्होंने कहा, "पहले के जमाने में शायद एक या दो साफ फेवरेट होते थे। अब ऐसा नहीं है। अलग-अलग देशों से बहुत सारे प्रतियोगी हैं।" उनके मुताबिक, इस अप्रत्याशित प्रतिस्पर्धा ने खेल को और भी रोमांचक बना दिया है। यही वजह है कि अब शुरुआती राउंड को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
उन्होंने आगे कहा, "अगर आप 100 प्रतिशत फिट नहीं हैं, तो आपके पहले राउंड में ही बाहर होने की ज़्यादा संभावना है। अब आपको पहले मैच से ही अपना बेस्ट देना होगा।"
थाईलैंड ओपन की जीत से मिला हौसला
विश्व के चौथे नंबर के इस खिलाड़ी का आत्मविश्वास हाल ही में थाईलैंड ओपन का खिताब जीतने से बढ़ा है। यह एक ऐसा टाइटल था जो उन्होंने पहले कभी नहीं जीता था। उन्होंने कहा, "थाईलैंड ओपन पक्का मेरे इस साल का अब तक का सबसे खास पल रहा है... इससे मुझे उम्मीद मिलती है कि मेरा लेवल ठीक है, लेकिन मुझे इसे और बेहतर करना होगा।"
विक्टर एक्सेलसेन के जाने के बाद बढ़े हुए ध्यान को लेकर एंटोनसेन खुद पर कोई अतिरिक्त दबाव महसूस नहीं करते। उन्होंने साफ किया, "मुझे जो दबाव महसूस होता है, वह सिर्फ अंदर से आने वाला दबाव है। मैं खुद को ऊंचे स्टैंडर्ड पर रखता हूं और मैं जीतना चाहता हूं।"
इनपुट: IANS


