रविवार, 30 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कॉमनवेल्थ फेंसिंग: भारत ने पहली बार जीती विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी, 35 मेडलों के साथ रचा इतिहास

भारतीय तलवारबाज़ों ने नाइजीरिया के लागोस में आयोजित कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया ने पहली बार प्रतिष्ठित विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी…

कॉमनवेल्थ फेंसिंग: भारत ने पहली बार जीती विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी, 35 मेडलों के साथ रचा इतिहास
(फोटो: IANS)

भारतीय तलवारबाज़ों ने नाइजीरिया के लागोस में आयोजित कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया ने पहली बार प्रतिष्ठित विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी जीतकर ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने इस चार दिवसीय टूर्नामेंट में कुल 35 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण, 8 रजत और 14 कांस्य पदक शामिल हैं।

यह ऐतिहासिक जीत सीनियर और अंडर-23, दोनों ही श्रेणियों में भारतीय खिलाड़ियों के दबदबे का नतीजा है। 1982 से कॉमनवेल्थ फेंसिंग फेडरेशन द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले देश को दी जाने वाली विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी पर भारत का कब्ज़ा टीम इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन की बदौलत पक्का हुआ।

टीम इवेंट्स में भारत का दबदबा

टूर्नामेंट के अंतिम दिन टीम इवेंट्स में भारतीय तलवारबाज़ों ने 6 में से 5 मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। टीम ने मेंस सेबर, विमेंस सेबर, मेंस एपी, विमेंस एपी और विमेंस फॉयल में पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा, मेंस फॉयल टीम ने भी कड़े मुकाबले के बाद रजत पदक जीता।

व्यक्तिगत स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन

टीम की इस सफलता की नींव व्यक्तिगत स्पर्धाओं में लगातार अच्छे प्रदर्शन से रखी गई थी।

  • पहला दिन (अंडर-23): भारत ने 17 पदकों (4 स्वर्ण, 4 रजत, 9 कांस्य) के साथ अभियान की तूफानी शुरुआत की। निखिल वाघ की अगुवाई में मेंस सेबर में भारत ने पोडियम के तीनों स्थानों पर कब्जा किया, जबकि जॉइस अशिता (विमेंस फॉयल), प्राची लोहान (विमेंस एपी) और जेफरलिन (विमेंस सेबर) ने भी व्यक्तिगत स्वर्ण जीते।
  • दूसरा दिन (सीनियर): इस दिन भारत की झोली में 7 पदक (1 स्वर्ण, 2 रजत, 4 कांस्य) आए। सीनियर विमेंस एपी में तनिष्का खत्री का स्वर्ण और खुशी दाभाड़े का रजत पदक जीतना मुख्य आकर्षण रहा।
  • तीसरा दिन (सीनियर): भारतीय खिलाड़ियों ने 5 और पदक (3 स्वर्ण, 1 रजत, 1 कांस्य) जीते। कनागलक्ष्मी (विमेंस फॉयल), राजेंद्रन शांतिमोली शेरजिन (मेंस एपी) और सिंह करण सिंह (मेंस सेबर) ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

इस शानदार जीत पर फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव राजीव मेहता ने कहा, "मुझे अपनी पूरी टीम पर बहुत गर्व है, जिनकी कड़ी मेहनत से यह ऐतिहासिक जीत मुमकिन हो पाई। यह बड़ी उपलब्धि हमारे फेंसर्स का आत्मविश्वास बढ़ाएगी और निश्चित रूप से आने वाले इंटरनेशनल टूर्नामेंट की तैयारी के लिए एक मजबूत और सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करेगी।" उन्होंने इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच भरतजी ठाकोर, श्रीहरि पिसे, शंकर नारायणन, फिजियोथेरेपिस्ट अमृता बालकावाड़े और टीम मैनेजर मनु त्यागी के योगदान को भी दिया।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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