कॉमनवेल्थ गेम्स की 'गोल्डन गर्ल' शर्मिला का गाँव में भव्य स्वागत, संघर्ष की कहानी सुन नम हुईं आँखें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शॉट पुट (F57 इवेंट) में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने वालीं शर्मिला धनखड़ जब अपने पैतृक गाँव लौटीं, तो जश्न का माहौल देखने लायक था। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के छिथरोली…
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शॉट पुट (F57 इवेंट) में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने वालीं शर्मिला धनखड़ जब अपने पैतृक गाँव लौटीं, तो जश्न का माहौल देखने लायक था। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के छिथरोली गाँव में अपनी बेटी का स्वागत करने के लिए सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को हुए इस सम्मान समारोह में ढोल-नगाड़ों और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
शर्मिला के स्वागत में एक भव्य रोड शो भी निकाला गया, जिसमें करीब 40-50 मोटरसाइकिल और 20-25 गाड़ियों का काफिला शामिल था। यह काफिला भड़फ बस स्टैंड से शुरू होकर कनीना मंडी और कई अन्य स्थानों से गुजरता हुआ उनके गाँव छिथरोली पहुँचा। रास्ते में हर जगह खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से 'गोल्डन गर्ल' का अभिनंदन किया।
स्कूल से स्टेडियम तक: सम्मान और संघर्ष
गाँव पहुँचकर शर्मिला सबसे पहले अपने एसडीएम स्कूल गईं, जहाँ उन्होंने अपनी पहली शिक्षिका और प्राचार्या रेखा दांगी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। सम्मान समारोह में उन्होंने अपनी इस जीत का श्रेय परिवार, गाँव वालों, गुरुजनों और कोचों को दिया। शर्मिला ने बताया कि खेल की तैयारी के लिए उनके परिवार को अपना घर तक बेचना पड़ा था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
भावुक होकर उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी अंतरराष्ट्रीय जीत के बाद उन्हें ऐसा सम्मान मिल रहा है। इस मौके पर रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव ने भी शर्मिला की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विश्व पटल पर गाँव का नाम रोशन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शर्मिला भविष्य में एशियन गेम्स में भी देश के लिए पदक जीतेंगी।
ग्रामीणों की चिंता और भविष्य की उम्मीदें
ग्रामीणों के अनुसार, शर्मिला महेंद्रगढ़ जिले से कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली एकमात्र महिला खिलाड़ी हैं। हालांकि, उन्हें इस बात का मलाल रहा कि बारिश के कारण गाँव के राजीव गांधी खेल स्टेडियम में पानी भर गया, जिसके चलते सम्मान समारोह एक निजी स्थान पर करना पड़ा। उन्होंने स्टेडियम की स्थिति सुधारने की मांग की ताकि भविष्य के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।
इस बीच, शर्मिला ने भविष्य में भी देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि एक निजी कंपनी ने उन्हें रेवाड़ी में जमीन खरीदकर नया घर बनाने का वादा किया है और गाँव में दिव्यांग व अनाथ बच्चों के लिए एक आश्रम खोलने का भी प्रस्ताव दिया है।
इनपुट: IANS


