इंग्लैंड के दो बार के विश्व चैंपियन गेंदबाज़ मार्क वुड ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा
इंग्लैंड को दो बार विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज मार्क वुड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। अपने नौ साल के करियर के बाद, 36 वर्षीय वुड ने अपने…
इंग्लैंड को दो बार विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज मार्क वुड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। अपने नौ साल के करियर के बाद, 36 वर्षीय वुड ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, वुड ने कहा कि पिछले साल को देखते हुए यह फैसला हैरान करने वाला नहीं है और उनके इंग्लैंड कॉन्ट्रैक्ट के अंत में यह एक स्वाभाविक कदम लगता है।
वुड ने 2015 में लॉर्ड्स के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा, "इंग्लैंड के लिए खेलना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान और एक सपना सच होने जैसा रहा है। मेरे अंदर का छोटा बच्चा इंग्लैंड के लिए इतना ज्यादा खेलने पर बहुत खुश होगा।"
दो विश्व कप और यादगार एशेज प्रदर्शन
मार्क वुड इंग्लैंड की उन टीमों का हिस्सा रहे जिन्होंने 2019 में वनडे विश्व कप और 2022 में जोस बटलर की कप्तानी में T20 विश्व कप जीता। 2019 विश्व कप में उन्होंने 18 विकेट लेकर टीम की जीत में अहम किरदार निभाया था। फाइनल में मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद उन्होंने पूरी रफ्तार से गेंदबाजी जारी रखी थी। इसके अलावा, उन्होंने चार एशेज सीरीज में भी हिस्सा लिया। 2023 एशेज में हेडिंग्ले में उनके शानदार स्पेल ने इंग्लैंड को 0-2 से पिछड़ने के बाद सीरीज ड्रॉ कराने में मदद की थी।
करियर के आंकड़े और भविष्य
अपने पूरे करियर में वुड ने कुल 38 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 19 विकेट लिए। वहीं, 70 वनडे मुकाबलों में उन्होंने 80 विकेट और 38 T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 54 विकेट चटकाए। अपनी सेवानिवृत्ति पर उन्होंने लिखा, "मेडिकल सलाह के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट और 50 ओवर का क्रिकेट खेलना संभव नहीं है, इसलिए पिछले एक साल में इंग्लैंड के लिए खेलने का सपना धीरे-धीरे मुझसे दूर होता गया।"
इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने वुड के करियर की प्रशंसा करते हुए कहा, "एशेज सीरीज और दो वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाना... ऐसी उपलब्धियां बहुत कम खिलाड़ी हासिल कर पाते हैं। वे अपने शानदार करियर पर गर्व कर सकते हैं।"
इनपुट: IANS


