इंग्लैंड का दौरा, नए सबक और द्रविड़ की यादें: U-19 कप्तान निकी प्रसाद ने साझा किया अनुभव
हाल ही में इंग्लैंड दौरे से लौटीं भारतीय महिला 'ए' टीम की सदस्य निकी प्रसाद ने विदेशी पिचों पर मिले अनुभव को अपने खेल के लिए बेहद अहम बताया है। समाचार एजेंसी IANS से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि…
हाल ही में इंग्लैंड दौरे से लौटीं भारतीय महिला 'ए' टीम की सदस्य निकी प्रसाद ने विदेशी पिचों पर मिले अनुभव को अपने खेल के लिए बेहद अहम बताया है। समाचार एजेंसी IANS से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि इंग्लैंड की अलग परिस्थितियों ने उन्हें खेल के कई नए पहलुओं को समझने और सीखने का मौका दिया। इस दौरे पर भारत 'ए' टीम ने इंग्लैंड 'ए' के खिलाफ वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी।
भारतीय अंडर-19 महिला टीम को 2025 में अपनी कप्तानी में टी20 विश्व कप जिताने वाली निकी प्रसाद के लिए यह पहला इंग्लैंड दौरा था और पहली बार ही वह इंडिया 'ए' टीम का हिस्सा बनी थीं। उन्होंने कहा, "इंग्लैंड में ऐसे हालात में खेलना एक अलग एहसास था। जीतने वाली टीम का हिस्सा होना अच्छा अनुभव देता है।"
पिच, गेंदबाज़ और नई चुनौतियाँ
निकी ने भारत और इंग्लैंड के हालात के बीच के बड़े अंतर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "वहां की परिस्थितियां भारत की परिस्थितियों से काफी अलग थीं। विकेट और विरोधी टीम बहुत अलग थी।" उन्होंने खास तौर पर लंबे कद के इंग्लिश तेज गेंदबाजों का जिक्र करते हुए कहा, "वे बहुत अच्छे बाउंसर फेंक रहे थे, जो कमर से ऊपर आ रहे थे। मुझे लगता है कि यह एक सीख है जो मैंने वहां से ली है कि मुझे बैकफुट प्ले में भी बहुत सुधार करने की जरूरत है।"
अपने पसंदीदा पुल और कट शॉट का जिक्र करते हुए निकी ने बताया कि उन्होंने शॉर्ट गेंदों के खिलाफ जल्दी संतुलन बनाना सीख लिया। कोचों की सलाह पर उन्होंने गेंद को 'ओवरहिट' करने के बजाय उसकी ऊंचाई का अंदाज़ा लगाकर खेलने पर ध्यान केंद्रित किया।
कोच की सलाह और खेल में सुधार
इस दौरे पर इंडिया 'ए' के कोचों से मिली सलाह निकी के लिए काफी मददगार साबित हुई। उन्होंने बताया, "कोचों से मुझे अच्छा दिशा-निर्देश मिला। बैटिंग कोच के साथ मेरी बातचीत में यही था कि किसी भी चीज को ओवरहिट न करें... आपको पुल और कट शॉट खेलने के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि वे हमेशा हार्ड लेंथ पर हिट करते रहते हैं।" गेंदबाजी में भी उन्होंने नई चीजें सीखीं, जैसे बल्लेबाजों के अनुसार गेंद को पिच करना और वेरिएशन का इस्तेमाल करना।
राहुल द्रविड़ के मैदान पर खास एहसास
यह दौरा निकी के लिए एक और वजह से खास था। टीम ने अपने आखिरी दो 50-ओवर के मैच टॉन्टन में खेले, जो उनके आदर्श राहुल द्रविड़ के लिए एक यादगार मैदान है। द्रविड़ ने 1999 विश्व कप में यहीं पर एक शानदार पारी खेली थी। इस बारे में निकी ने कहा, "मुझे एहसास हुआ कि मेरे आदर्श पहले ही यहां आ चुके हैं और उन्होंने अपनी सबसे अच्छी पारियों में से एक खेली है। मैं भी ऐसा करना चाहती हूं या उसके करीब कुछ हासिल करना चाहती हूं और भारतीय टीम के लिए मैच जीतना चाहती हूं।"
इनपुट: IANS


