रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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हॉकी वर्ल्ड कप 2026: युवा जोश और अनुभव के संगम से 51 साल का सूखा खत्म करने उतरेगी टीम इंडिया

बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम कमर कस चुकी है। 20 सदस्यीय इस टीम में युवा प्रतिभाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का एक शानदार संतुलन बनाया गया है…

हॉकी वर्ल्ड कप 2026: युवा जोश और अनुभव के संगम से 51 साल का सूखा खत्म करने उतरेगी टीम इंडिया
(फोटो: IANS)

बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम कमर कस चुकी है। 20 सदस्यीय इस टीम में युवा प्रतिभाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का एक शानदार संतुलन बनाया गया है, जिसका लक्ष्य 51 साल के लंबे इंतजार को खत्म कर वर्ल्ड कप ट्रॉफी घर लाना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।

टीम में शामिल युवा खिलाड़ी, गोलकीपर मोहित एचएस, डिफेंडर यशदीप सिवाच, मिडफील्डर राजिंदर सिंह और अटैकिंग मिडफील्डर आदित्य अर्जुन लालागे, अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर इस बड़े टूर्नामेंट में जगह बनाने में कामयाब हुए हैं। ये खिलाड़ी अपने करियर के सबसे बड़े मौके को लेकर बेहद उत्साहित और समर्पित हैं।

युवा खिलाड़ियों का जोश और सपना

23 वर्षीय अटैकिंग मिडफील्डर अर्जुन लालागे के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा, "वर्ल्ड कप में खेलना मेरा बचपन का सपना रहा है। मेरा ध्यान हर ट्रेनिंग सेशन और मैच में अपना शत-प्रतिशत देकर इस मौके का पूरा फायदा उठाने पर है।" वहीं, गोलकीपर मोहित एचएस ने बताया कि उन्होंने पिछला वर्ल्ड कप बेंगलुरु में जूनियर नेशनल कैंप से देखा था और तब से ही देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखा था। मोहित ने कहा, "मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह मौका इतनी जल्दी मिल जाएगा।"

टीम की एकता ही सबसे बड़ी ताकत

मिडफील्ड में अपनी ऊर्जा और कौशल के लिए जाने जाने वाले 23 वर्षीय राजिंदर सिंह टीम के आपसी जुड़ाव को सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। उन्होंने कहा, "इस टीम को जो चीज खास बनाती है, वह है हमारा आपसी जुड़ाव। हम मैदान पर लगातार बातचीत करते हैं, लेकिन मैदान के बाहर भी हमारा रिश्ता उतना ही मजबूत है। यही एकता हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है।"

सीनियर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन

25 वर्षीय डिफेंडर यशदीप सिवाच ने अपनी जोरदार ट्रेनिंग का जिक्र करते हुए सीनियर खिलाड़ियों से मिल रहे मार्गदर्शन को अहम बताया। उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जरमनप्रीत सिंह और अमित रोहिदास जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा, "मेरे आस-पास अनुभवी खिलाड़ियों के होने से बहुत फर्क पड़ा है। वे हमेशा अपने अनुभव शेयर करने और खेल की बारीकियों के बारे में बताने के लिए तैयार रहते हैं, जिससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।"

वर्ल्ड कप में भारत का कार्यक्रम

भारतीय टीम को टूर्नामेंट के 'पूल-डी' में रखा गया है। 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ पहला मैच खेलने के बाद टीम का अगला मुकाबला 17 अगस्त को इंग्लैंड से और फिर 19 अगस्त को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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