गौतम गंभीर पर बरसे श्रीकांत, पूछा- केएल राहुल के साथ इतनी नाइंसाफी क्यों?
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट सवालों के घेरे में हैं। पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने प्लेइंग इलेवन में लगातार हो रहे…
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट सवालों के घेरे में हैं। पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने प्लेइंग इलेवन में लगातार हो रहे बदलावों और टीम की रणनीति पर तीखे सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीकांत ने विशेष रूप से अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल को बल्लेबाजी क्रम में बहुत नीचे भेजने के फैसले को 'सरासर नाइंसाफी' करार दिया है।
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए श्रीकांत ने लॉर्ड्स वनडे में भारत की बल्लेबाजी रणनीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, "क्या कोई इतने बड़े स्कोर का पीछा करते समय केएल राहुल को छठे नंबर पर भेजेगा? उस खिलाड़ी ने आपके लिए कई मैच जिताए हैं।" उन्होंने चिंता जताई कि जिस तरह संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी का करियर प्रभावित हुआ, वैसा ही अब केएल राहुल के साथ भी हो रहा है।
राहुल की भूमिका पर सवाल
श्रीकांत का मानना था कि रोहित शर्मा के आउट होने के बाद विराट कोहली का साथ देने के लिए केएल राहुल सबसे उपयुक्त बल्लेबाज थे। उन्होंने कहा, "अगर राहुल चौथे नंबर पर आते, तो वह विराट कोहली का अच्छा साथ देते, जैसा उन्होंने 2023 वर्ल्ड कप में कई बार किया था।" पूर्व सलामी बल्लेबाज के अनुसार, राहुल को तब बल्लेबाजी के लिए भेजा गया जब जरूरी रन रेट बहुत ज्यादा हो चुका था और मैच लगभग हाथ से निकल चुका था।
टीम मैनेजमेंट को ठहराया जवाबदेह
श्रीकांत ने केवल एक मैच के प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि पूरी टीम की दिशा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2027 वनडे विश्व कप के लिए टीम की तैयारी सही दिशा में नहीं है। उन्होंने कहा कि कमजोर टीमों जैसे जिम्बाब्वे, श्रीलंका और वेस्टइंडीज पर मिली जीत को पैमाना नहीं मानना चाहिए, बल्कि मजबूत टीमों के खिलाफ प्रदर्शन को आंकना चाहिए।
उन्होंने टीम मैनेजमेंट को जवाबदेह ठहराने की मांग करते हुए कहा, "विश्व कप से पहले ज्यादा वनडे मैच नहीं हैं। बस कुछ ही वनडे मैच बचे हैं... बार-बार बदलाव करके तैयारी करने का यह सही तरीका नहीं है।" श्रीकांत ने कहा कि जिम्बाब्वे या श्रीलंका को हराकर टीम मैनेजमेंट अपनी पीठ थपथपाएगा, लेकिन असली चुनौती बड़ी टीमों के खिलाफ है।
इनपुट: IANS


