एशियन गेम्स 2026: ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट को हराना भारतीय तीरंदाजों के लिए 'हौसला बढ़ाने वाला' पल- AAI
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजी टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है, जिसकी सबसे बड़ी मिसाल रिकर्व आर्चर नीरज चौहान की कई बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता किम जे-देओक पर जीत है। इस जीत को भारतीय…
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजी टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है, जिसकी सबसे बड़ी मिसाल रिकर्व आर्चर नीरज चौहान की कई बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता किम जे-देओक पर जीत है। इस जीत को भारतीय तीरंदाजी संघ (AAI) के महासचिव वीरेंद्र सचदेवा ने पूरी टीम के लिए 'हौसला बढ़ाने वाला' बताया है। समाचार एजेंसी IANS से एक विशेष बातचीत में उन्होंने टीम के प्रदर्शन की सराहना की।
सचदेवा ने कहा कि नीरज का प्रदर्शन शानदार था और कोरियाई ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट को हराकर क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना पूरी टीम के मनोबल के लिए एक बड़ी बात है। उन्होंने जानकारी दी कि कंपाउंड और रिकर्व, दोनों ही श्रेणियों में पुरुष, महिला और मिक्स्ड टीमों ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जबकि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारतीय तीरंदाज क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं।
नया जोश, बड़ा लक्ष्य
इस टीम की खासियत बताते हुए सचदेवा ने कहा, "हमारी टीम नई है। सिर्फ एक या दो तीरंदाजों को पहले एशियन गेम्स का अनुभव है।" उन्होंने ज़ोर दिया कि तीरंदाजों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का जुनून और जोश है और उनका लक्ष्य यहां से 2028 ओलंपिक का कोटा हासिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि तीरंदाजी में कोरिया का एकाधिकार रहा है, लेकिन पिछले 4-5 सालों में भारत सरकार और साई द्वारा किए गए बदलावों का असर अब मैदान पर दिख रहा है।
मुश्किल हालात में भी कायम रहा फोकस
महासचिव ने रिकर्व टीम के मैच के दौरान भारी बारिश का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया, "जब हमारी रिकर्व टीम का मैच था, तो बहुत तेज बारिश हो रही थी, और मैं तीरंदाजों को बारिश के बावजूद डटे रहने के लिए बधाई देता हूं।" उनके मुताबिक, तीरंदाजी में फोकस बनाए रखना सबसे ज़रूरी होता है और भारतीय तीरंदाजों ने यह साबित कर दिया है कि वे किसी भी परिस्थिति से पार पा सकते हैं।
इसके अलावा, वर्ल्ड आर्चरी एशिया के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य सचदेवा ने ओकाजाकी सिटी में टीम के लिए ट्रांसपोर्ट या रहने की सुविधाओं से जुड़ी किसी भी समस्या से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सभी सुविधाएं अच्छी थीं और तीरंदाजों के लिए भारतीय भोजन भी उपलब्ध कराया गया था। यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि टीम दीपिका कुमारी, अतनु दास और अभिषेक वर्मा जैसे कई अनुभवी खिलाड़ियों के बिना खेल रही है।
इनपुट: IANS


