टाइगर श्रॉफ फायरिंग: 2 हफ़्ते की रेकी, सोशल मीडिया से निगरानी... कोटा में कैसे पकड़े गए बिश्नोई गैंग के शूटर?
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार शाम हुई फायरिंग की घटना किसी अचानक हुए हमले का नतीजा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों…
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार शाम हुई फायरिंग की घटना किसी अचानक हुए हमले का नतीजा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों ने हमले से करीब दो हफ़्ते पहले ही मुंबई में डेरा डाल दिया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने उन्हें यह काम सौंपा था।
हमले से पहले आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ की हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखी। उन्होंने न सिर्फ़ अभिनेता के घर और जिम की रेकी की, बल्कि सोशल मीडिया पर मौजूद पैपराज़ी वीडियो और अन्य तस्वीरों के ज़रिए उनके आने-जाने के रास्तों और नियमित कार्यक्रमों की पूरी जानकारी भी जुटाई। इसी तैयारी के आधार पर उन्होंने रविवार को हमले को अंजाम दिया।
हमला और भागने का पूरा प्लान
रविवार को जब टाइगर श्रॉफ जुहू में फुटबॉल खेलकर अपनी कार से लौट रहे थे, तभी पुष्पा नरसी पार्क के पास मोटरसाइकिल सवार तीन हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर गोलियां चला दीं। इस हमले में अभिनेता तो सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर के घायल होने की खबर है। हमलावर घटना को अंजाम देकर तुरंत मौके से फ़रार हो गए।
आरोपियों ने भागने का रास्ता भी पहले से तय कर रखा था। वे अपनी मोटरसाइकिल अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर ट्रेन से बोरीवली पहुँचे। इसके बाद उन्होंने टैक्सी ली और सूरत चले गए। सूरत से उन्होंने ट्रेन पकड़ी और राजस्थान के कोटा की ओर निकल गए।
ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे
मुंबई क्राइम ब्रांच ने घटना के तुरंत बाद कई टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। राजस्थान पुलिस की मदद से तीनों आरोपियों को कोटा में ट्रेन में यात्रा के दौरान ही धर दबोचा गया। पुलिस के मुताबिक, उनकी योजना दिल्ली पहुँचकर वहाँ से नेपाल भागने की थी, लेकिन पुलिस ने उनकी इस योजना को नाकाम कर दिया। फिलहाल, मुंबई पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि साजिश के पीछे के मुख्य किरदारों और मकसद का पता लगाया जा सके।
इनपुट: IANS


