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मोहम्मद शमी जैसा एक्शन, लंबी रेस का घोड़ा: पूर्व क्रिकेटर निरंजना ने की क्रांति गौड़ की जमकर तारीफ

इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में भारत की ऐतिहासिक टेस्ट जीत में अहम भूमिका निभाने वाली तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ और शतकवीर यस्तिका भाटिया के प्रदर्शन ने सबका ध्यान खींचा है। भारत की पूर्व तेज गेंदबाज…

मोहम्मद शमी जैसा एक्शन, लंबी रेस का घोड़ा: पूर्व क्रिकेटर निरंजना ने की क्रांति गौड़ की जमकर तारीफ
(फोटो: IANS)

इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में भारत की ऐतिहासिक टेस्ट जीत में अहम भूमिका निभाने वाली तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ और शतकवीर यस्तिका भाटिया के प्रदर्शन ने सबका ध्यान खींचा है। भारत की पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन का मानना है कि ये दोनों खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए लंबा सफर तय करेंगी। उन्होंने विशेष रूप से क्रांति के गेंदबाजी एक्शन की तुलना पुरुष टीम के दिग्गज गेंदबाज मोहम्मद शमी से की है।

समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में निरंजना ने कहा कि क्रांति को गेंदबाजी करते देखना बेहद सुखद अनुभव है, खासकर उनका रन-अप और गेंद को सीम पर हिट करने की क्षमता शानदार है। उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा लगा कि उसका एक्शन थोड़ा मोहम्मद शमी जैसा है। उसके एक्शन को देखते हुए गलती की गुंजाइश बहुत कम है।"

टीम मैनेजमेंट का भरोसा और क्रांति का विकास

निरंजना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में क्रांति की तेज प्रगति का श्रेय टीम प्रबंधन के भरोसे को दिया। उन्होंने कहा, "हरमन ने एक बार कहा था कि हमें ऐसे तेज गेंदबाजों की जरूरत है जिन पर हम भरोसा कर सकें और जिन्हें हम गेंद सौंप सकें। निश्चित रूप से, उन्हें मैनेजमेंट का पूरा साथ मिला है।" उनके मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में क्रांति एक खिलाड़ी के तौर पर मजबूत हुई हैं और अब दबाव झेलने के लिए मानसिक रूप से भी बेहतर हैं। निरंजना का अनुमान है कि अगर सब ठीक रहा तो क्रांति अगले 7-8 साल तक भारत के लिए खेल सकती हैं।

चोट से लौटकर यस्तिका का यादगार शतक

निरंजना ने बल्लेबाज यस्तिका भाटिया की भी जमकर सराहना की, जिन्होंने लॉर्ड्स में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया। यह शतक इसलिए भी खास था क्योंकि यस्तिका घुटने की चोट से उबरकर वापसी कर रही थीं। निरंजना ने कहा, "चोट से उबरना कभी आसान नहीं होता। यह एक मानसिक लड़ाई है और वह इससे बहुत अच्छे से उबरकर आई हैं।" उन्होंने कहा कि इस पारी ने यस्तिका की मानसिक मजबूती को साबित किया है, जो टेस्ट क्रिकेट में बेहद ज़रूरी है।

घरेलू क्रिकेट की भूमिका

भारत के हालिया टेस्ट प्रदर्शन में आए सुधार के पीछे निरंजना बीसीसीआई द्वारा घरेलू मल्टी-डे टूर्नामेंट को फिर से शुरू करने को एक अहम वजह मानती हैं। उन्होंने बताया कि इससे खिलाड़ियों को लंबे फॉर्मेट के लिए मानसिक रूप से तैयार होने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, "घरेलू सिस्टम का निश्चित रूप से असर पड़ा है।" हालांकि, उन्होंने यह भी सलाह दी कि रेड-बॉल क्रिकेट को अंडर-19 स्तर पर ले जाने के बजाय अंडर-23 स्तर पर ही रखना चाहिए, क्योंकि यह खिलाड़ियों के विकास के लिए सबसे उपयुक्त उम्र है।

इनपुट: IANS

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