LPL 2024: जाफना किंग्स टीम से मालिकों की छुट्टी, श्रीलंका क्रिकेट ने अपने हाथ में ली कमान
लंका प्रीमियर लीग (LPL) की सबसे सफल टीमों में से एक, जाफना किंग्स, के मालिकों का फ्रेंचाइजी अनुबंध रद्द कर दिया गया है। टीम अब सीधे तौर पर श्रीलंका क्रिकेट (SLC) और टूर्नामेंट के आयोजक आईपीजी ग्रुप…
लंका प्रीमियर लीग (LPL) की सबसे सफल टीमों में से एक, जाफना किंग्स, के मालिकों का फ्रेंचाइजी अनुबंध रद्द कर दिया गया है। टीम अब सीधे तौर पर श्रीलंका क्रिकेट (SLC) और टूर्नामेंट के आयोजक आईपीजी ग्रुप के नियंत्रण में आ गई है। यह बड़ा फैसला फ्रेंचाइजी द्वारा अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने में विफल रहने के बाद लिया गया।
यह घटनाक्रम टीम के सह-मालिक और भारत के पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर मनजोत कालरा की गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद हुआ है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कालरा को LPL के छठे सीजन के शुरुआती दिन ही मैच-फिक्सिंग के संदेह में श्रीलंका पुलिस की विशेष जांच इकाई ने गिरफ्तार किया था। कालरा को उद्यमी मयंक गोयल के साथ टीम का सह-मालिक बनाया गया था।
टूर्नामेंट पर कोई असर नहीं
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव का टूर्नामेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा और LPL 2024 अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेगा। जाफना किंग्स टीम अपने मौजूदा नाम, स्क्वाड, फॉर्मेट और फिक्स्चर के साथ ही खेलना जारी रखेगी। आईपीजी ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "यह अनुबंध फ्रेंचाइजी द्वारा पूर्व निर्धारित शर्तों और वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा न कर पाने के कारण रद्द किया गया है।"
खिलाड़ियों और स्टाफ का क्या होगा?
फ्रेंचाइजी से जुड़े सभी अधिकार अब आयोजक आईपीजी के पास वापस आ गए हैं, जिसने श्रीलंका क्रिकेट के साथ मिलकर टीम का पूरा ऑपरेशन संभाल लिया है। खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ के सभी अनुबंधों की पूरी जिम्मेदारी भी अब आयोजकों की है। बयान के मुताबिक, खिलाड़ियों और स्टाफ को लगभग 90 प्रतिशत भुगतान पहले ही किया जा चुका है और बाकी रकम भी अनुबंध की शर्तों के अनुसार समय पर दी जाएगी। आईपीजी ने कहा, "यह एक मुश्किल फैसला था, लेकिन हमारी प्राथमिकता हमेशा लंका प्रीमियर लीग की विश्वसनीयता बनाए रखना है।"
इनपुट: IANS


