शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद लगातार हार टीम इंडिया के लिए अच्छा 'झटका' क्यों है? मनिंदर सिंह ने समझाया

T20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद टीम इंडिया का प्रदर्शन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में मिली लगातार सीरीज हार ने कई सवाल खड़े किए हैं…

T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद लगातार हार टीम इंडिया के लिए अच्छा 'झटका' क्यों है? मनिंदर सिंह ने समझाया
(फोटो: IANS)

T20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद टीम इंडिया का प्रदर्शन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में मिली लगातार सीरीज हार ने कई सवाल खड़े किए हैं, लेकिन पूर्व भारतीय स्पिनर मनिंदर सिंह इसे टीम के लिए एक ज़रूरी 'रियलिटी चेक' मानते हैं। उनका मानना है कि इस झटके से टीम उस अति-आत्मविश्वास से बाहर आएगी, जो भारत में मौजूद प्रतिभा को लेकर बन गया था।

भारत-जिम्बाब्वे सीरीज के ब्रॉडकास्टर 'फैनकोड' द्वारा आयोजित एक विशेष बातचीत में समाचार एजेंसी IANS को मनिंदर सिंह ने बताया कि इन हार में विदेशी परिस्थितियों की भी अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हालात (हार में) ने भी भूमिका निभाई। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमने भारत में वर्ल्ड कप जीता और भारत में ही आईपीएल खेला। इसलिए, हमारे खिलाड़ी ऐसे हालात में खेलने के आदी हैं।"

क्यों ज़रूरी था यह रियलिटी चेक?

मनिंदर सिंह ने उस धारणा पर ज़ोर दिया जिसके तहत कहा जा रहा था कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ इतनी मज़बूत है कि वह तीन अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय टीमें बना सकता है। उन्होंने कहा, "यह अच्छा है कि ऐसा थोड़ा झटका लगा, क्योंकि हमारी बेंच स्ट्रेंथ को लेकर यह अति-आत्मविश्वास था कि हम तीन टीमें बना सकते हैं, वह बहुत ज्यादा था। तो, वे उससे बाहर आएंगे।" उनके मुताबिक, अब चयनकर्ता भी इस बात पर गौर करेंगे कि कोई खिलाड़ी विदेशी पिचों पर खुद को कितनी जल्दी ढाल पाता है।

युवा बल्लेबाज़ों के लिए खुद को साबित करने का मौक़ा

आयरलैंड और इंग्लैंड में भारतीय बल्लेबाज़ गेंद की मूवमेंट और तेज़ उछाल के सामने संघर्ष करते दिखे। अब जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भी हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, जहाँ गेंद स्विंग कर सकती है। मनिंदर सिंह इसे युवा खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन अवसर के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा, "इन लड़कों के पास साबित करने के लिए कुछ होगा - कि यह सिर्फ एक ऐसी सीरीज थी जिसमें उनकी लय नहीं बन पाई थी।"

उन्होंने सूर्यवंशी, तिलक वर्मा, ईशान किशन, शिवम दुबे और सूर्यांश शेडगे जैसे बल्लेबाज़ों का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह दौरा यह देखने का एक और मौका है कि वे मुश्किल परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करते हैं। मनिंदर के अनुसार, जिम्बाब्वे की टीम को हराना बहुत मुश्किल नहीं होना चाहिए, लेकिन खिलाड़ियों पर खुद को साबित करने का दबाव ज़रूर होगा।

टीम में लगातार बदलाव क्यों हो रहे हैं?

इस दौरे से पहले टीम में लगातार हो रहे बदलाव और रोटेशन पर भी काफी चर्चा हुई है। मनिंदर सिंह इसे एक सोची-समझी प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा, "शायद वे खिलाड़ियों को परख रहे हैं। भविष्य के लिए, वे उन खिलाड़ियों पर नजर रखने की कोशिश कर रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं और जो मानसिक रूप से तैयार हैं।" उनके मुताबिक, कोचिंग स्टाफ और चयनकर्ता यह देख रहे हैं कि कौन सा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव झेलने के लिए तैयार है, और अगले 12 से 18 महीनों में एक स्थिर टीम बनाने के लिए यह प्रक्रिया ज़रूरी है।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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