‘यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है’: मनप्रीत सिंह ने 51 साल का सूखा खत्म करने का इरादा जताया
भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने 2026 में होने वाले FIH हॉकी वर्ल्ड कप को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि यह उनके करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है और वह इसे…
भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने 2026 में होने वाले FIH हॉकी वर्ल्ड कप को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि यह उनके करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है और वह इसे जीतकर यादगार बनाना चाहते हैं। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि लगातार दो ओलंपिक पदक जीतने के बाद अब टीम का पूरा ध्यान वर्ल्ड कप पर है, जहाँ भारत ने 51 साल से कोई मेडल नहीं जीता है।
मनप्रीत ने कहा, “यह विश्व कप मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह मेरा चौथा विश्व कप है। हमने लगातार दो ओलंपिक पदक जीते हैं, लेकिन विश्व कप पदक अभी भी बाकी है।” उन्होंने अपने इरादे साफ करते हुए कहा, “मेरे लिए, यह मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है, इसलिए मैं इसी सोच के साथ इसे खेल रहा हूं। मैंने वह हासिल करने का पक्का इरादा कर लिया है जो हमने अभी तक नहीं किया है।”
टीम की तैयारी और रणनीति
टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में ओलंपिक पदक जीतने वाली भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी है। मनप्रीत के अनुसार, टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन संतुलन है, जो वर्ल्ड कप में आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी है। उन्होंने बताया, “हमारे कोच ने फिटनेस पर जोर दिया है क्योंकि हम जानते हैं कि फिट रहने से हमें श्रेष्ठ के खिलाफ मुकाबला करने में मदद मिलती है। हमने अपने डिफेंस पर भी कड़ी मेहनत की है।”
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एक मजबूत डिफेंस टीम को अटैक करने और खेल पर नियंत्रण रखने का भरोसा देता है। मनप्रीत का मानना है कि टूर्नामेंट में हर मैच महत्वपूर्ण है और टीम को हर विरोधी का सम्मान करते हुए सही मानसिकता के साथ मैदान पर उतरना होगा।
कप्तान हरमनप्रीत की तारीफ
मनप्रीत सिंह ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह की जमकर प्रशंसा की और उन्हें एक बेहतरीन लीडर बताया। उन्होंने कहा, “वह आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करते हैं और फील्ड पर सभी का मार्गदर्शन करते हैं। गेम को पढ़ने की उनकी क्षमता बेहतरीन है।” मनप्रीत ने हरमनप्रीत को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्रैग-फ्लिकर्स में से एक बताते हुए कहा, “उनके हिट्स में जबरदस्त ताकत और विविधता है, और जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तो वह हमेशा आगे आते हैं। उनके जैसा कप्तान होने से पूरी टीम को आत्मविश्वास मिलता है।”
मनप्रीत को पूरा विश्वास है कि भारतीय टीम 1975 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप मेडल जीतकर ऐतिहासिक सफलता हासिल करेगी और फाइनल तक का सफर तय करेगी।
इनपुट: IANS


