एशेज का नया अध्याय: 2027 में पहली बार होगी इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया की मिक्स्ड डिसेबिलिटी टक्कर
क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विता 'एशेज' 2027 में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिखने जा रही है। इस साल पहली बार इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 'मिक्स्ड डिसेबिलिटी एशेज' सीरीज का आयोजन किया…
क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विता 'एशेज' 2027 में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिखने जा रही है। इस साल पहली बार इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 'मिक्स्ड डिसेबिलिटी एशेज' सीरीज का आयोजन किया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहल को दिव्यांग क्रिकेट के विकास और खेल में समान भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह आयोजन 2027 में इंग्लैंड के एशेज समर का हिस्सा होगा, जब ऑस्ट्रेलियाई पुरुषों की मिक्स्ड डिसेबिलिटी टीम T20 सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा करेगी। हालांकि अभी मुकाबलों की तारीखों और मैदानों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस सीरीज के साथ ही यह सुनिश्चित हो जाएगा कि एक ही सीजन में इंग्लैंड की पुरुष, महिला और मिक्स्ड डिसेबिलिटी टीमें एशेज में हिस्सा लेंगी।
दिव्यांग क्रिकेट को मिलेगी नई पहचान
यह घोषणा दिव्यांग क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाती है, जिसने हाल के वर्षों में द्विपक्षीय सीरीज के जरिए अपनी पहचान बनाई है। इंग्लैंड इस प्रारूप में पहले ही भारत के खिलाफ खेल चुका है और इस गर्मी में एक और सीरीज की मेजबानी करने वाला है। अब ऑस्ट्रेलिया भी इस तेजी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर का हिस्सा बन जाएगा।
इंग्लैंड के डिसेबिलिटी क्रिकेट प्रमुख इयान मार्टिन ने इसे खेल के लिए एक बेहद सार्थक प्रगति बताया। उन्होंने कहा, "सभी क्रिकेट फैंस एशेज सीरीज के महत्व को समझते हैं... मुझे खुशी है कि हमारी पुरुषों की मिक्स्ड डिसेबिलिटी टीम को ऐसी सीरीज में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा।"
ऑस्ट्रेलिया ने बताया 'महत्वपूर्ण मील का पत्थर'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट प्रमुख जेम्स ऑलसॉप ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह प्रतियोगिता खेल को और अधिक समावेशी बनाने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा, "मिक्स्ड डिसेबिलिटी एशेज सीरीज ऑस्ट्रेलिया में दिव्यांगता वाले क्रिकेटरों को... खेल की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विताओं में से एक में एक नया अध्याय जोड़ने का मौका देगी।"
इनपुट: IANS


