एजबेस्टन में पाकिस्तानी डेब्यूटांट रजाउल्लाह का धमाका, 63 गेंदों में 81 रन जड़कर बोले- 'मैं बस एन्जॉय कर रहा था'
इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज में लगातार आलोचना झेल रही पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को एजबेस्टन में एक नए सितारे ने मुस्कुराने की वजह दी है। अपना पहला ही टेस्ट मैच खेल रहे रजाउल्लाह ने तीसरे टेस्ट की दूसरी…
इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज में लगातार आलोचना झेल रही पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को एजबेस्टन में एक नए सितारे ने मुस्कुराने की वजह दी है। अपना पहला ही टेस्ट मैच खेल रहे रजाउल्लाह ने तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में ऐसी विस्फोटक बल्लेबाजी की, जिसने न सिर्फ दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि पूरी सीरीज में हताश दिखे पाकिस्तानी खेमे में नई ऊर्जा भर दी।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे रजाउल्लाह ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने महज 63 गेंदों का सामना करते हुए 9 गगनचुंबी छक्कों और 4 चौकों की मदद से 81 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत पाकिस्तान ने सीरीज में पहली बार 400 का आंकड़ा पार किया और अपनी दूसरी पारी 449 रनों पर समाप्त की।
साझेदारी और रिकॉर्ड
रजाउल्लाह ने इस दौरान मोहम्मद अब्बास के साथ नौवें विकेट के लिए 121 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी भी निभाई। यह वही इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण था, जिसने पूरी सीरीज में पाकिस्तानी बल्लेबाजों को बांधकर रखा था, लेकिन दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने उनके खिलाफ निडर रवैया अपनाया।
'डरने की कोई बात नहीं'
दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रजाउल्लाह ने अपनी बेखौफ पारी का राज खोला। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे जिंदगी का मजा लेना पसंद है और मैं उस पल का मजा ले रहा था। जब आप अपने देश के लिए खेल रहे हों तो डरने की कोई बात नहीं है। मैं बस एन्जॉय कर रहा था।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें तेज गति से कोई डर नहीं लगा और वह खासकर आर्चर की हार्ड लेंथ गेंदों पर प्रहार करना चाहते थे। अपनी पसंदीदा गेंद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मेरी पसंदीदा गेंद शॉर्ट बॉल है। मुझे खुद पर भरोसा था कि अगर मैं 50 गेंदें खेलूंगा, तो सकारात्मक परिणाम मिलेगा।"
इनपुट: IANS


