रविवार, 30 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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औकिब नबी की कलाइयों में जादू, श्रीलंका में कमाल करेगा: पूर्व कप्तान समीउल्लाह बेग

जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार जगह मिली है। चोटिल जसप्रीत बुमराह की जगह श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चुने जाने के बाद, नबी जम्मू-कश्मीर से यह…

औकिब नबी की कलाइयों में जादू, श्रीलंका में कमाल करेगा: पूर्व कप्तान समीउल्लाह बेग
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार जगह मिली है। चोटिल जसप्रीत बुमराह की जगह श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चुने जाने के बाद, नबी जम्मू-कश्मीर से यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले क्रिकेटर बन गए हैं। इस मौके पर राज्य के पूर्व कप्तान समीउल्लाह बेग ने नबी की प्रतिभा की जमकर तारीफ की है। समाचार एजेंसी IANS के साथ एक खास बातचीत में उन्होंने कहा कि नबी की कलाइयों में जादू है और अगर उन पर सही ध्यान दिया जाए तो वह बहुत आगे जाएंगे।

बेग ने 2022 में ही नबी की काबिलियत को पहचान लिया था। उन्होंने बताया, "मैंने श्रीनगर में सीनियर रणजी टीम के कैंप में देखा था कि वह बिना एक्शन बदले एक ही जगह से गेंद को स्विंग करा सकते हैं। यह खूबी बहुत कम देखने को मिलती है।" उन्होंने कहा कि उस कैंप में नबी की नैचुरल काबिलियत से छेड़छाड़ किए बिना कुछ चीजों पर काम किया गया था।

श्रीलंका की पिचें और नबी की चुनौती

समीउल्लाह बेग ने स्वीकार किया कि श्रीलंका की सूखी और धीमी पिचें किसी भी तेज गेंदबाज के लिए डेब्यू करने के लिए आदर्श नहीं होती हैं। उनके मुताबिक, "गॉल और कोलंबो की पिचें या तो बहुत फ्लैट होती हैं या स्क्वायर टर्नर। कोई भी तेज गेंदबाज ऐसे हालात में डेब्यू नहीं करना चाहेगा।" हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर औकिब को मौका मिलता है तो वह नई गेंद से कुछ ओवरों में प्रभावी साबित होकर टीम को संतुलन दे सकते हैं।

रफ्तार से ज्यादा अनुशासन जरूरी

उमरान मलिक की तेज गति से तुलना पर बेग का मानना है कि आज के क्रिकेट में सिर्फ रफ्तार काफी नहीं है। उन्होंने कहा, "गति का कोई मतलब नहीं, जब तक गेंद स्विंग कराने की क्षमता न हो। उमरान सिर्फ जबरदस्त गति का एक शानदार उदाहरण हैं और वह राज्य की टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।" बेग के अनुसार, औकिब की सबसे बड़ी ताकत उनका अनुशासन है। उनके साथी खिलाड़ी उन्हें 'हैकर' कहते हैं क्योंकि वह लगातार एक ही जगह पर गेंद डालते हैं।

क्या चयन में पक्षपात अब भी कायम है?

औकिब के चयन के बावजूद, समीउल्लाह बेग का मानना है कि जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के प्रति चयनकर्ताओं की सोच में अभी भी पूरी तरह बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा, "सिस्टम के पक्षपात को दूर करने में बहुत समय लगता है। अगर ऐसा नहीं होता, तो औकिब को इंग्लैंड या वेस्टइंडीज जैसे दौरे के लिए चुना जाना चाहिए था।" उन्होंने कोच अजय शर्मा के 'कोटा प्लेयर्स' वाले बयान पर असहमति जताते हुए कहा कि चयनकर्ता पहले हमारे प्रदर्शन को गंभीरता से नहीं लेते थे और आज भी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है।

जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाजों का राज

प्रदेश से इतने अच्छे तेज गेंदबाज निकलने का राज बताते हुए बेग ने कहा, "तेज गेंदबाजी जीन और पैशन से जुड़ी है। हमारी डाइट और मौसम एक तेज गेंदबाज को जरूरी स्टैमिना और ताकत बनाने में मदद करते हैं।" उन्होंने यह भी जोर दिया कि इस प्रतिभा को निखारने के लिए जेकेसीए को एक स्थायी गेंदबाजी कोच नियुक्त करने की जरूरत है, जो सिर्फ एक सीजन के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक युवा प्रतिभाओं पर काम करे।

इनपुट: IANS

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