बुधवार, 16 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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इंग्लैंड दौरे पर PCB के फैसलों से भड़के मोहम्मद यूसुफ, बोले- 'यह अंदरूनी कलह का नतीजा है'

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के इंग्लैंड दौरे के बीच हुए बड़े बदलावों पर पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के फैसलों पर सवाल उठाते हुए इसे…

इंग्लैंड दौरे पर PCB के फैसलों से भड़के मोहम्मद यूसुफ, बोले- 'यह अंदरूनी कलह का नतीजा है'
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के इंग्लैंड दौरे के बीच हुए बड़े बदलावों पर पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के फैसलों पर सवाल उठाते हुए इसे खराब प्रदर्शन से ज़्यादा 'अंदरूनी कलह, मतभेद और विवादों' का पुराना चक्र बताया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यूसुफ ने सोशल मीडिया पर अपनी राय रखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट की अस्थिरता पर चिंता जताई।

यह पूरा मामला इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान के शुरुआती दो मैच हारने के बाद शुरू हुआ। टीम के 0-2 से पिछड़ने के बाद, PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले एक कड़ा कदम उठाते हुए सात खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के दो सदस्यों को दौरे के बीच से ही घर वापस भेज दिया।

क्या है पूरा मामला?

इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले में पहले टेस्ट में पाकिस्तान को एक पारी और 103 रनों से हार मिली थी, जबकि लॉर्ड्स में हुए दूसरे मुकाबले में उसे 194 रनों से शिकस्त का सामना करना पड़ा। इन लगातार हार के बाद बोर्ड ने एक्शन लिया।

जिन खिलाड़ियों को टीम से रिलीज़ किया गया उनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद ओवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं। इसके अलावा, रेड-बॉल हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी उनके पदों से हटा दिया गया है। दौरे के बाकी हिस्से के लिए व्हाइट-बॉल हेड कोच माइक हेसन और एशले नोफके अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालेंगे।

'प्रदर्शन से बढ़कर है मामला' - यूसुफ

90 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर चुके यूसुफ ने अपने 'एक्स' हैंडल पर लिखा, "अधिकारियों का खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को चल रहे दौरे से वापस बुलाने का हालिया फैसला महज प्रदर्शन से जुड़ा नहीं लगता। आखिरकार, हम जहीर अब्बास, जावेद मियांदाद, इंजमाम-उल-हक या सईद अनवर जैसे दिग्गजों को तो रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं भेज रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि 1992 वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक जीत के बाद से ही पाकिस्तान क्रिकेट में ऐसी उथल-पुथल बार-बार देखने को मिली है, जिससे खेल से ध्यान भटकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मैदान के बाहर की लगातार उथल-पुथल टीम की प्रगति और प्रशंसकों के विश्वास को और कम कर सकती है।

सफलता ही एकमात्र इलाज

यूसुफ का मानना है कि इस तरह के विवादों को खत्म करने का एकमात्र तरीका मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करना है। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "सबक साफ है। सिर्फ शानदार प्रदर्शन और लगातार अच्छे नतीजे ही शोर को शांत कर सकते हैं। अगर पाकिस्तान क्रिकेट को अपनी साख वापस पानी है और फैंस का भरोसा जीतना है, तो उसे बोर्डरूम के बजाय मैदान पर ध्यान देना होगा। सफलता ही सबसे असरदार इलाज है।"

इनपुट: IANS

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