'पर्सनैलिटी राइट्स' की सुरक्षा: युवराज सिंह की याचिका पर दिल्ली HC का अहम निर्देश, 48 घंटे में हटेंगे आपत्तिजनक पोस्ट
भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह को अपने ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ यानी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए…
भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह को अपने ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ यानी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सोशल मीडिया पर मौजूद सभी आपत्तिजनक और बिना इजाजत के शेयर किए गए पोस्ट को 48 घंटों के भीतर हटाने का निर्देश दिया है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने इस मामले को मुकदमे के रूप में दर्ज करते हुए अंतरिम निषेधाज्ञा के आवेदन पर नोटिस जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह युवराज के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक अंतरिम आदेश पारित करेगी।
क्या है पूरा मामला?
युवराज सिंह के वकील ने अदालत में दलील दी कि पूर्व क्रिकेटर की सहमति के बिना उनके नाम और छवि का इस्तेमाल करके व्यावसायिक लाभ के लिए सामान बेचा जा रहा है। उन्होंने आपत्तिजनक पोस्ट के लिंक की एक सूची भी अदालत को सौंपी, जिसमें से एक रेडिट का लिंक था। इस पोस्ट में युवराज पर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए अपमानजनक टिप्पणियां की गई थीं।
अदालत का सख्त रुख
इस पर रेडिट के वकील ने दलील दी कि यह लिंक दो साल पुराना है और यह मानहानि का मामला है, व्यक्तित्व अधिकार का नहीं। हालांकि, अदालत ने कंटेंट अपलोड करने वालों को 48 घंटे के भीतर लिंक हटाने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर अपलोडर निर्धारित समय में पोस्ट नहीं हटाते हैं, तो युवराज को मध्यस्थों (जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) की मदद से अगले 36 घंटों में उन्हें हटाने की अनुमति होगी। सभी मध्यस्थों को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।
इनपुट: IANS


