नाना पाटेकर को याद कर बोलीं रोहिणी हट्टंगडी- 'स्टारडम कभी उनके सिर पर नहीं चढ़ा'
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद बुधवार को मुंबई में उनकी प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जहां मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अभिनेत्री रोहिणी हट्टंगडी ने उनके…
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद बुधवार को मुंबई में उनकी प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जहां मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अभिनेत्री रोहिणी हट्टंगडी ने उनके साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए कहा कि नाना पाटेकर उन दुर्लभ लोगों में से थे, जिन पर स्टारडम कभी हावी नहीं हुआ।
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में हट्टंगडी ने कहा, "नाना जी के साथ मैंने एक ही फिल्म की थी, उससे पहले तो बस नाटक में ही हमने साथ काम किया था।" उन्होंने नाना पाटेकर के स्वभाव की तारीफ करते हुए कहा कि जब स्टारडम सिर पर चढ़ता है तो लोग जमीन से कट जाते हैं, लेकिन नाना जी के साथ ऐसा कभी नहीं हुआ। अभिनेत्री ने उनकी समाज सेवा का भी जिक्र किया, जिससे सभी परिचित हैं। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर की फिल्म 'थोड़ा सा रुमानी हो जाए' उन्हें बहुत पसंद है।
सह-कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि
प्रार्थना सभा में मौजूद अभिनेत्री वर्षा उसगांवकर ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानती हैं कि उन्हें फिल्म 'तिरंगा' में उनके साथ काम करने का मौका मिला। उसगांवकर ने उनके अभिनय की रेंज की तारीफ करते हुए कहा, "नाना पाटेकर ने अपने करियर में हर तरह के किरदार निभाए हैं, कॉमेडी से लेकर हीरो और विलेन तक।" उनकी पसंदीदा फिल्म के सवाल पर उन्होंने 'तिरंगा' में नाना पाटेकर के काम को शानदार बताया।
'सही इलाज मिलता तो बच सकते थे'
वर्षा उसगांवकर ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि अगर नाना पाटेकर को समय पर सही इलाज मिला होता तो शायद उन्हें बचाया जा सकता था। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगर उन्हें उस वक्त सही इलाज मिल जाता तो वे आज हमारे बीच होते। 75 साल कोई जाने की उम्र नहीं है। आजकल मेडिकल साइंस इतनी आगे बढ़ गई है कि इंसान 100 साल तक जी सकता है।"
इनपुट: IANS


