सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी: जिसने चिराग के साथ मिलकर भारतीय बैडमिंटन की दुनिया बदल दी
भारत के स्टार शटलर सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, जो 13 अगस्त 2000 को आंध्र प्रदेश के अमलापुरम में जन्मे थे, आज बैडमिंटन की दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुके हैं। अपने जोड़ीदार चिराग शेट्टी के साथ मिलकर…
भारत के स्टार शटलर सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, जो 13 अगस्त 2000 को आंध्र प्रदेश के अमलापुरम में जन्मे थे, आज बैडमिंटन की दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुके हैं। अपने जोड़ीदार चिराग शेट्टी के साथ मिलकर उन्होंने भारतीय पुरुष डबल्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है और वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाया है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, रंकीरेड्डी को बैडमिंटन का खेल विरासत में मिला। उनके पिता राज्य स्तर के खिलाड़ी थे, जिन्हें और अपने बड़े भाई को देखकर उन्होंने यह खेल अपना लिया। 2014 में उन्होंने हैदराबाद की प्रतिष्ठित गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में दाखिला लिया और डबल्स में अपना करियर बनाने का फैसला किया, जहाँ उनकी मुलाकात चिराग शेट्टी से हुई।
सफलता का सुनहरा सफर
रंकीरेड्डी और शेट्टी की जोड़ी ने 2015 से एक साथ खेलना शुरू किया और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमानी शुरू कर दी। उनकी पहली बड़ी सफलता 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में आई, जहाँ उन्होंने मिश्रित टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर सबका ध्यान खींचा।
इसके बाद इस जोड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2022 में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने पुरुष डबल्स का स्वर्ण पदक जीता, जो इन खेलों के इतिहास में भारत के लिए इस श्रेणी में पहला स्वर्ण था। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी जिसने भारतीय बैडमिंटन में एक नए अध्याय की शुरुआत की।
प्रमुख उपलब्धियाँ और सम्मान
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की झोली में कई बड़े पदक हैं। उन्होंने चिराग शेट्टी के साथ मिलकर टोक्यो (2022) और पेरिस (2025) विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। वे 2022 थॉमस कप जीतने वाली स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। इसके अलावा, 2022 एशियन गेम्स में डबल्स में स्वर्ण और टीम इवेंट में रजत पदक अपने नाम किया। 2023 में उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में भी डबल्स का स्वर्ण पदक जीता।
खेल में उनके असाधारण योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2020 में अर्जुन पुरस्कार और 2023 में देश के सर्वोच्च खेल सम्मान, खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। अब 26 साल के हो रहे सात्विक से देश को भविष्य में और भी बड़ी उम्मीदें हैं।
इनपुट: IANS


