एक दशक की मेहनत का इनाम: सीमित संसाधनों के बावजूद महिला एशिया कप में इतिहास रचने उतरी इंडोनेशिया की टीम
लगभग 12 साल पहले इंडोनेशिया में महिला क्रिकेट का ढाँचा लगभग शून्य था, देश में एक भी टर्फ़ विकेट नहीं था और टीम के पास T20 अंतर्राष्ट्रीय दर्जा भी नहीं था। लेकिन कड़ी मेहनत और लगन के बाद, आज वही टीम…
लगभग 12 साल पहले इंडोनेशिया में महिला क्रिकेट का ढाँचा लगभग शून्य था, देश में एक भी टर्फ़ विकेट नहीं था और टीम के पास T20 अंतर्राष्ट्रीय दर्जा भी नहीं था। लेकिन कड़ी मेहनत और लगन के बाद, आज वही टीम अपने इतिहास में पहली बार महिला एशिया कप खेलने के लिए तैयार है, जहाँ उसका पहला मुक़ाबला दुबई में बांग्लादेश से होगा।
यह सफ़र 17,000 से ज़्यादा द्वीपों वाले इस देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की होगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम की कमान विकेटकीपर-बल्लेबाज़ नी पुतु आयु नंदा साकारिनी के हाथों में है, जो इस बड़े मंच पर अपने देश का नेतृत्व करने को लेकर बेहद उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा, "इतने बड़े मंच पर इंडोनेशिया की कप्तानी करना वाकई रोमांचक और अद्भुत एहसास है... इस सफर का हिस्सा बनकर मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है।"
बैडमिंटन छोड़कर क्रिकेट को बनाया करियर
कप्तान नंदा साकारिनी, जो बैडमिंटन खेलते हुए बड़ी हुईं, ने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की मुश्किल को देखते हुए क्रिकेट को चुना। उन्होंने बताया, "बैडमिंटन में बहुत सारे खिलाड़ी हैं और नेशनल टीम में जगह बनाना मुश्किल था। इसी वजह से मुझे लगा कि क्रिकेट मेरे लिए अच्छा रहेगा, और अब यह मेरा करियर है।" 2019 में T20I डेब्यू करने वाली नंदा ने क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए फिजिकल एजुकेशन टीचर की नौकरी भी छोड़ दी। टीम की कई अन्य खिलाड़ी भी फ़ुल-टाइम क्रिकेटर हैं, जबकि कुछ अभी पढ़ाई कर रही हैं।
ज़मीनी स्तर पर क्रिकेट का विकास
इंडोनेशिया में क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने का श्रेय 'परसुआन क्रिकेट इंडोनेशिया' के प्रयासों को जाता है। एसोसिएशन के चेयरमैन अभिराम सिंह यादव के अनुसार, देश में आज लगभग 200,000 क्रिकेटर हैं, जिनमें से आधी यानी करीब 100,000 महिलाएँ हैं। उन्होंने बताया कि स्कूलों में क्रिकेट को समझाने के लिए 'कास्टी' (एक पारंपरिक बैट-बॉल खेल) का इस्तेमाल किया गया और कोचिंग पाठ्यक्रम स्थानीय 'बहासा इंडोनेशिया' भाषा में तैयार किया गया। ICC का 'क्रिकेट क्रियो' कार्यक्रम भी इस मुहिम में मदद कर रहा है। यादव ने कहा, "हमने क्रिकेट की शुरुआत जीरो से की, स्कूलों में इसे शुरू किया और अब हम 21 अलग-अलग द्वीपों पर क्रिकेट खेल रहे हैं।"
कोच और खिलाड़ियों का नज़रिया
टीम के हेड कोच नितिश सालेकर, जो पहले थाईलैंड महिला टीम के साथ काम कर चुके हैं, ने खिलाड़ियों के जुनून की तारीफ़ की। उन्होंने IANS से कहा, "सच कहूं तो, मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है... मैं बहुत खुश हूं और खिलाड़ियों के इस ग्रुप के साथ एशिया कप खेलने के लिए उत्साहित हूं।" उन्होंने यह भी माना कि इंडोनेशिया में महिला क्रिकेटरों का टैलेंट पूल काफ़ी बड़ा है। टीम की कई सीनियर खिलाड़ी 2023 में हुए पहले अंडर-19 महिला T20 वर्ल्ड कप का भी हिस्सा रह चुकी हैं, जिससे उन्हें बड़े टूर्नामेंट का अनुभव मिला है। अब सीनियर टीम पहली बार एशिया कप में मौजूदा चैंपियन श्रीलंका और मेज़बान यूएई जैसी टीमों का सामना करेगी।
इनपुट: IANS


