U20 वर्ल्ड कुश्ती: काजल ढोचक ने रचा इतिहास, बिना कोई पॉइंट गंवाए लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता
भारतीय महिला पहलवान काजल ढोचक ने स्लोवाकिया में चल रही अंडर-20 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन का खिताब जीत लिया है। समाचार एजेंसी IANS की…
भारतीय महिला पहलवान काजल ढोचक ने स्लोवाकिया में चल रही अंडर-20 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन का खिताब जीत लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 वर्षीय काजल ने 76 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की जिंगरू सन को एकतरफा मुकाबले में 7-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने भारत की सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में अपनी जगह और पक्की कर ली है।
काजल की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने किसी भी प्रतिद्वंद्वी को एक भी पॉइंट हासिल करने का मौका नहीं दिया। यह लगातार पांचवां गोल्ड मेडल है जो उन्होंने 2026 में जीता है। इस साल उन्होंने अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप, उलानबटार रैंकिंग सीरीज, अंडर-20 एशियन चैंपियनशिप और बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में भी स्वर्ण पदक जीते थे।
फाइनल में चीनी पहलवान पर रहीं हावी
फाइनल मुकाबले में काजल शुरू से ही चीन की जिंगरू सन पर भारी पड़ीं। उन्होंने लगातार दबाव बनाते हुए पहले 'स्टेप-आउट' से 1-0 की बढ़त बनाई और फिर 'डबल-लेग अटैक' से 3-0 की बढ़त ले ली। दूसरे पीरियड में भी उन्होंने अपना आक्रामक खेल जारी रखा और अंत में 7-0 के स्कोर के साथ विश्व खिताब पर कब्जा कर लिया। इससे पहले काजल ने अंडर-20 एशियन चैंपियनशिप में भी जिंगरू सन को हराया था।
काजल का शानदार रिकॉर्ड और सफर
यह जीत काजल के शानदार करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। उनके नाम पहले से ही 2024 में अंडर-17 (69 किग्रा) और 2025 में अंडर-20 (72 किग्रा) वर्ल्ड चैंपियनशिप के खिताब हैं। पिछले साल 72 किग्रा में गोल्ड जीतने के बाद उन्होंने इस साल 76 किग्रा वर्ग में उतरने का फैसला किया था। वह अपने देश की दूसरी ऐसी पहलवान बन गई हैं, जिन्होंने इस स्तर पर दो बार गोल्ड मेडल जीता है।
भारत के लिए दो और सिल्वर मेडल
काजल की इस ऐतिहासिक जीत के अलावा, भारत ने प्रतियोगिता में दो और पदक हासिल किए। तनु शर्मा और सविता ने अपने-अपने वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो अहम सिल्वर मेडल जीते, जिससे भारतीय कुश्ती के लिए यह दिन यादगार बन गया।
इनपुट: IANS


