रविवार, 30 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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खेल, तकनीक और नवाचार में सहयोग बढ़ाएँगे ब्रिक्स देश, विशाखापत्तनम में संयुक्त घोषणापत्र पर लगी मुहर

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक 2026 में सदस्य देशों ने खेल के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…

खेल, तकनीक और नवाचार में सहयोग बढ़ाएँगे ब्रिक्स देश, विशाखापत्तनम में संयुक्त घोषणापत्र पर लगी मुहर
(फोटो: IANS)

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक 2026 में सदस्य देशों ने खेल के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बैठक में 'ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणापत्र' को सर्वसम्मति से अपनाया गया, जिसका उद्देश्य संवाद, सम्मान और समावेशिता को बढ़ावा देना है। इस घोषणा का मुख्य लक्ष्य सदस्य देशों के बीच खेल संबंधों को मजबूत करना और इसके विकास के लिए मिलकर काम करना है।

बैठक में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत सदस्य देशों के खेल मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एक ऐसी खेल साझेदारी की वकालत की जो सिर्फ घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि सहयोग का एक ठोस मंच बने। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेल क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रहा है।" उन्होंने एथलीटों व कोचों के आदान-प्रदान से लेकर खेल विज्ञान और तकनीक साझा करने पर जोर दिया।

भारत की तीन बड़ी पहल

भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान खेल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तीन प्रमुख पहलों की घोषणा की है, जिन्हें सदस्य देशों का भी समर्थन मिला है।

1. टेक्नोलॉजी वर्किंग ग्रुप: एक 'ब्रिक्स खेल प्रौद्योगिकी वर्किंग ग्रुप' बनाया जाएगा। यह समूह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एथलीट प्रदर्शन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और खेल प्रशासन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेगा। भारत इसमें विशेषज्ञों की मदद भी मुहैया कराएगा।

2. मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव: दूसरी पहल 'ब्रिक्स स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव' है, जिसका पहला संस्करण नवंबर 2026 में राजस्थान के उदयपुर में प्रस्तावित है। इसका मकसद खेल उपकरण निर्माण, नई तकनीक, व्यापार और सप्लाई चेन को मजबूत करना है।

3. पारंपरिक खेल: तीसरी पहल 'ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी खेल प्रदर्शन गेम्स 2026' है। इसका आयोजन 12-13 अक्टूबर 2026 को गुजरात के अहमदाबाद में होगा, ताकि सदस्य देशों की पारंपरिक खेल विरासत को संरक्षित किया जा सके।

खेल उपकरण निर्माण और निवेश पर ज़ोर

केंद्रीय मंत्री मांडविया ने बताया कि भारत सरकार खेल उपकरण निर्माण को भी बढ़ावा दे रही है और जल्द ही इसके लिए एक क्लस्टर योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने वैश्विक कंपनियों और निवेशकों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि "मेक इन इंडिया", "प्ले इन इंडिया" और "ग्रो विद इंडिया" अभियानों से भारत खेल उद्योग का एक बड़ा केंद्र बन सकता है। उन्होंने पैरा-खेलों और महिला खिलाड़ियों के विकास पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही।

बैठक की शुरुआत से पहले विशाखापत्तनम में एक 'ब्रिक्स फ्रेंडशिप साइक्लिंग इवेंट' भी आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. मांडविया, खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, यूएई, ईरान तथा साउथ अफ्रीका के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इनपुट: IANS

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