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क्रिकेट के सर गैरी सोबर्स का निधन: एक युग का अंत, जिसने खेल को हमेशा के लिए बदल दिया

क्रिकेट की दुनिया ने अपना एक महान सितारा खो दिया है। वेस्टइंडीज के दिग्गज और खेल के इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में शुमार सर गारफील्ड 'गैरी' सोबर्स अब हमारे बीच नहीं रहे। समाचार एजेंसी IANS की…

क्रिकेट के सर गैरी सोबर्स का निधन: एक युग का अंत, जिसने खेल को हमेशा के लिए बदल दिया
(फोटो: IANS)

क्रिकेट की दुनिया ने अपना एक महान सितारा खो दिया है। वेस्टइंडीज के दिग्गज और खेल के इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में शुमार सर गारफील्ड 'गैरी' सोबर्स अब हमारे बीच नहीं रहे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 89 वर्ष की आयु में उन्होंने बारबडोस स्थित अपने घर पर शुक्रवार को अंतिम सांस ली। उनके निधन से विश्व क्रिकेट में शोक की लहर है।

क्रिकेट वेस्टइंडीज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस दुखद समाचार की पुष्टि करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। बोर्ड ने लिखा, "एक शानदार पारी खत्म हो गई है। हमारे दिलों में, अभी और हमेशा के लिए, सर गारफील्ड सोबर्स।" 1975 में क्रिकेट में उनकी असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें 'नाइटहुड' की उपाधि से सम्मानित किया गया था।

शानदार करियर और रिकॉर्ड

28 जुलाई 1936 को बारबडोस के ब्रिजटाउन में जन्मे गैरी सोबर्स ने 1954 से 1974 तक दो दशकों तक वेस्टइंडीज क्रिकेट पर राज किया। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ किंग्सटन में की थी। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने करियर में 93 टेस्ट मैच खेले, जिनकी 160 पारियों में उन्होंने 8,032 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 26 शतक और 30 अर्धशतक निकले।

गेंदबाजी में भी उनका कोई सानी नहीं था। बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स और कलाई के स्पिनर के रूप में उन्होंने 235 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने अपने करियर में सिर्फ एक वनडे मैच भी खेला, जिसमें उन्होंने एक विकेट हासिल किया।

वो कीर्तिमान जो इतिहास बन गए

सोबर्स ने शुरुआत में एक गेंदबाज के रूप में टीम में जगह बनाई थी, लेकिन जल्द ही उनकी बल्लेबाजी का लोहा पूरी दुनिया ने माना। 1958 में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सबीना पार्क में नाबाद 365 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। इस पारी के साथ उन्होंने लेन हटन के सर्वोच्च व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, जो 36 साल बाद 1994 में ब्रायन लारा ने तोड़ा। खास बात यह है कि जब लारा ने यह रिकॉर्ड बनाया, तो सोबर्स खुद मैदान में उस पल का जश्न मनाने के लिए मौजूद थे।

इसके अलावा, फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले वह पहले क्रिकेटर थे। उन्होंने यह कारनामा नॉटिंघमशायर के लिए खेलते हुए ग्लेमोर्गन के गेंदबाज मैल्कम नैश के खिलाफ किया था।

अमिट विरासत

क्रिकेट में उनके योगदान का सम्मान करते हुए, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अपने सबसे बड़े वार्षिक पुरस्कार का नाम 'सर गारफील्ड सोबर्स अवॉर्ड' रखा है। यह सम्मान सभी प्रारूपों में साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को दिया जाता है, जो उनकी महानता का प्रतीक है।

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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