बैडमिंटन में फ्रांस का ऐतिहासिक दिन: वर्ल्ड चैंपियनशिप में एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स जीता, देश को मिले दो गोल्ड
फ्रांस के बैडमिंटन के लिए रविवार का दिन किसी सुनहरे सपने के सच होने जैसा था, जब उसने एक ही दिन में दो वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिए। 21 साल के एलेक्स लैनियर ने नई दिल्ली में इतिहास…
फ्रांस के बैडमिंटन के लिए रविवार का दिन किसी सुनहरे सपने के सच होने जैसा था, जब उसने एक ही दिन में दो वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिए। 21 साल के एलेक्स लैनियर ने नई दिल्ली में इतिहास रचते हुए मेंस सिंगल्स का खिताब जीता। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस जीत के साथ वे BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बन गए हैं।
एलेक्स लैनियर ने फाइनल मुकाबले में जापान के कोडाई नारोओका को सीधे गेमों में 21-11, 21-11 से हराया। यह एकतरफा मुकाबला करीब 50 मिनट तक चला, जिसमें लैनियर पूरी तरह से हावी रहे। उनकी यह जीत फ्रांस के लिए उस दिन का दूसरा स्वर्ण पदक था, जिसने देश को बैडमिंटन की दुनिया में एक नई ताकत के रूप में स्थापित कर दिया।
एक दिन, दो ऐतिहासिक गोल्ड
इस टूर्नामेंट से पहले, फ्रांस के नाम वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में सिर्फ दो कांस्य पदक थे। लेकिन रविवार को थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने भी कमाल कर दिया। उन्होंने मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन के फेंग यानझे और हुआंग डोंगपिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से मात देकर ऐतिहासिक स्वर्ण जीता। यह जोड़ी वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली पहली फ्रांसीसी जोड़ी बनी।
दिलचस्प बात यह है कि थॉम और डेल्फिन ने पिछले साल फ्रांस में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और अब करीब 12 महीने बाद उन्होंने अपने पदक का रंग बदलकर सुनहरा कर दिया है। उनकी इस जीत ने 17 साल के उस इंतजार को भी खत्म किया, जब किसी यूरोपीय जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स का वर्ल्ड टाइटल जीता था।
आत्मविश्वास और सोच का नतीजा
फ्रांसीसी टीम की इस शानदार सफलता को कोच केस्टुटिस नेविकस किसी करिश्मे से ज्यादा खिलाड़ियों की बदली हुई सोच और आत्मविश्वास का नतीजा मानते हैं। उन्होंने IANS से बातचीत में बताया कि टीम में यह विश्वास पैदा किया गया कि वे किसी से कम नहीं हैं।
कोच से जब खिलाड़ियों में आए मानसिक बदलावों के बारे में पूछा गया, तो नेविकस ने कहा, "यह विश्वास कि हम यहीं के हैं और यह विश्वास कि हम यह कर सकते हैं... एलेक्स के साथ हमने पहले ही टूर्नामेंट जीते हैं। थॉम और डेल्फिन ने भी पहले टूर्नामेंट जीते हैं। तो क्यों नहीं? हम क्यों कमतर हैं? हम कमतर नहीं हैं।" उन्होंने बताया कि कोचिंग टीम ने खिलाड़ियों को यह भरोसा दिलाने पर काम किया कि वे सबसे बड़े मंच के हकदार हैं, और अब पूरे देश को यकीन है कि वे जीत सकते हैं।
इनपुट: IANS


