रविवार, 30 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
बज़

AI से लिखवाई कहानियां इंसानों से बेहतर? नई स्टडी ने चौंकाया

क्या मशीनें इंसानों से अच्छी कहानियां लिख सकती हैं? इस सवाल का जवाब अब 'हां' में मिलता दिख रहा है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा लिखी गई लघु कथाओं को पाठकों ने…

AI से लिखवाई कहानियां इंसानों से बेहतर? नई स्टडी ने चौंकाया
(फोटो: IANS)

क्या मशीनें इंसानों से अच्छी कहानियां लिख सकती हैं? इस सवाल का जवाब अब 'हां' में मिलता दिख रहा है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा लिखी गई लघु कथाओं को पाठकों ने इंसानी लेखकों की कहानियों से बेहतर रेटिंग दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाठकों को AI की लिखी कहानियां ज्यादा साफ, निष्पक्ष और पढ़ने में आसान लगीं।

यह शोध 'जजमेंट एंड डिसीजन मेकिंग' नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसमें 1,682 वयस्क प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। इन सभी को कुल छह छोटी कहानियां पढ़ने को दी गईं, जिनमें से तीन इंसानों ने और तीन चैटजीपीटी (ChatGPT) ने लिखी थीं। खास बात यह थी कि प्रतिभागियों को यह नहीं बताया गया था कि कौन सी कहानी किसने लिखी है।

कैसे हुआ कहानियों का मूल्यांकन?

मूल्यांकन के दौरान, प्रतिभागियों ने AI द्वारा तैयार की गई सामग्री को भाषा की स्पष्टता, संरचना और निष्पक्षता जैसे पैमानों पर इंसानों की लिखी कहानियों से ज़्यादा अंक दिए। शोधकर्ताओं ने यह सुनिश्चित किया था कि AI और इंसानों द्वारा लिखी गई कहानियों का विषय एक जैसा ही हो, ताकि तुलना निष्पक्ष रहे।

क्या खत्म हो जाएगी लेखकों की भूमिका?

हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह भी साफ किया कि इन नतीजों का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि AI अब उपन्यासकारों की जगह लेने के लिए तैयार है। अध्ययन में इस बात पर जोर दिया गया है कि कहानी के लिए तथ्य जुटाना, उनकी पुष्टि करना, स्रोतों से जानकारी इकट्ठा करना और जवाबदेही तय करने जैसे महत्वपूर्ण काम अब भी इंसानों के ही जिम्मे हैं और बने रहेंगे।

इस अध्ययन से जुड़ीं पेन्सिलवेनिया की विलानोवा यूनिवर्सिटी की वरिष्ठ शोधार्थी डॉ. डीना स्कोल्निक वीसबर्ग ने कहा, “एआई सिस्टम पहले से ही ऐसी छोटी कहानियां बना सकते हैं जिन्हें इंसानों की लिखी कहानियों जितना ही अच्छा माना जाता है।” उन्होंने आगे कहा कि हमें AI की क्षमताओं को लेकर अपनी सोच को अपडेट करने की ज़रूरत है।

एक क्रिएटिव राइटर होने के नाते डॉ. वीसबर्ग ने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि हमें लेखन पूरी तरह AI पर छोड़ देना चाहिए। उनके अनुसार, “हमें एआई से बनने वाले नॉवेल और एआई/इंसानों के मिलकर लिखे उपन्यास के लिए जगह बनानी पड़ सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अब हमारे पास इंसानी क्रिएटिविटी के प्रोसेस की तारीफ करने की जगह नहीं है।”

इनपुट: IANS

N

News4Social फ़ीचर डेस्क

News4Social फ़ीचर डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अजब-गजब और फ़ीचर से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →