थाईलैंड में चमके भारत के युवा पिकलबॉल खिलाड़ी, एशियन जूनियर चैंपियनशिप में जीते सोना-चाँदी-कांस्य
थाईलैंड के नाखोन पाथोम में आयोजित एशियन जूनियर पिकलबॉल चैंपियनशिप में भारत के युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल तीन पदक अपने नाम किए हैं। देश के लिए स्तुति और अंजलि की जोड़ी ने अंडर-18…
थाईलैंड के नाखोन पाथोम में आयोजित एशियन जूनियर पिकलबॉल चैंपियनशिप में भारत के युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल तीन पदक अपने नाम किए हैं। देश के लिए स्तुति और अंजलि की जोड़ी ने अंडर-18 गर्ल्स डबल्स में स्वर्ण पदक जीतकर सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, थाईलैंड के माहिडोल विश्वविद्यालय में हुई इस तीन दिवसीय महाद्वीपीय प्रतियोगिता में एशिया भर के उभरते हुए जूनियर खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। भारत की पदक तालिका में अंजलि पोल ने अंडर-18 गर्ल्स सिंगल्स में रजत पदक जोड़कर अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा का भी लोहा मनवाया।
विभिन्न आयु वर्गों में भारतीय दबदबा
भारत का दमदार प्रदर्शन सिर्फ अंडर-18 वर्ग तक ही सीमित नहीं रहा। अंडर-12 गर्ल्स डबल्स मुकाबले में आद्या और कीर्ति की जोड़ी ने कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इन जीतों ने विभिन्न आयु वर्गों में भारतीय पिकलबॉल की बढ़ती ताकत और प्रतिभा की गहराई को साबित किया है। भारत ने इस चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता।
इस उपलब्धि पर अरविंद प्रभु ने कहा, "एशियन जूनियर चैंपियनशिप में हमारे युवा भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन बहुत उत्साहजनक है। अलग-अलग आयु वर्गों में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतना भारत में जूनियर पिकलबॉल की बढ़ती क्षमता और गहराई को दर्शाता है।" उन्होंने आगे कहा, "इन खिलाड़ियों के विकास के लिए इस स्तर पर अंतरराष्ट्रीय अनुभव बहुत जरूरी है। इस तरह के प्रदर्शन से हमें भारतीय पिकलबॉल के भविष्य के प्रति काफी भरोसा मिलता है।"
युवा प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच
एशिया फेडरेशन ऑफ पिकलबॉल (एएफपी) द्वारा आयोजित यह टूर्नामेंट युवा एथलीटों को मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने और बहुमूल्य अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इस चैंपियनशिप का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों के विकास को बढ़ावा देना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के अवसर प्रदान करना है।
इनपुट: IANS


