शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित, बिहार और MP के दो शिक्षकों के लिए 'सपने सच होने जैसा पल'
5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के कुछ चुनिंदा शिक्षकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए बिहार की पुष्पा प्रसाद और मध्य प्रदेश के…
5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के कुछ चुनिंदा शिक्षकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए बिहार की पुष्पा प्रसाद और मध्य प्रदेश के शैलेंद्र प्रताप सिंह का भी चयन हुआ है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों शिक्षकों के लिए यह सम्मान किसी सपने के साकार होने जैसा है।
बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "सच बताऊं तो मुझे विश्वास नहीं हुआ... सपने साकार हुए, एक स्वर्णिम पल है।" उन्होंने कहा कि वह खुली आँखों से राष्ट्रपति से मिलने का सपना देखती थीं, जिन्हें अब तक chỉ तस्वीरों में देखा है, और उनसे मिलकर वह धन्य हो जाएंगी।
शिक्षा की लौ जलाने का जुनून
पुष्पा प्रसाद ने ग्रामीण क्षेत्र में काम करने की चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बच्चों से पहले उनके अभिभावकों को जागरूक करना पड़ा। उन्होंने कहा, "मैंने असफलताओं को साथ लेकर ही सफलता का मार्ग तय किया है।" स्कूल के प्रधानाध्यापक वाल्मीकि प्रसाद ने पुष्पा के योगदान की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने बच्चों के लिए सिर्फ एक शिक्षिका नहीं, बल्कि एक अभिभावक और माँ की तरह काम किया है। उन्होंने बताया कि पुष्पा ने पिछड़े और वंचित वर्ग के उन घरों में शिक्षा की लौ जलाई है, जहाँ इसकी कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए मोहल्लों में ब्लैकबोर्ड तक बनवाए ताकि वे पढ़ाई जारी रख सकें।
जन सहयोग से बदली स्कूल की तस्वीर
वहीं, मध्य प्रदेश के सीधी जिले के शिक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने इस सम्मान को पूरे जिले के शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों का सम्मान बताया। उन्होंने अपने स्कूल के कायापलट की कहानी साझा की। जब वह 13 अगस्त को स्कूल आए थे, तब वहां chỉ 69 बच्चे थे। उन्होंने अभिभावकों से अच्छी शिक्षा का वादा किया और जन सहयोग से लगभग 5 लाख रुपए जुटाकर स्कूल भवन का जीर्णोद्धार कराया। आज स्कूल में 202 छात्र हैं, जिनमें 107 बालिकाएं हैं। उनके स्कूल के बच्चे अब सैनिक स्कूल और नवोदय विद्यालय के लिए भी चयनित हो रहे हैं।
इनपुट: IANS


