डेविस कप 2024: 'फाइनल 8' की दौड़ में भारत, हार्ड कोर्ट पर दक्षिण कोरिया से होगी भिड़ंत
डेविस कप क्वालिफायर्स के दूसरे दौर में भारतीय टेनिस टीम का सामना दक्षिण कोरिया से होगा। 18-19 सितंबर को सियोल के ओलंपिक टेनिस सेंटर में होने वाला यह मुकाबला हार्ड कोर्ट पर खेला जाएगा, जो इसे बेहद…
डेविस कप क्वालिफायर्स के दूसरे दौर में भारतीय टेनिस टीम का सामना दक्षिण कोरिया से होगा। 18-19 सितंबर को सियोल के ओलंपिक टेनिस सेंटर में होने वाला यह मुकाबला हार्ड कोर्ट पर खेला जाएगा, जो इसे बेहद चुनौतीपूर्ण बना सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मैच के विजेता को नवंबर में होने वाले प्रतिष्ठित 'फाइनल 8' में जगह मिलेगी, जिससे दोनों टीमों के लिए यह 'करो या मरो' का मुकाबला बन गया है।
भारतीय टीम का चयन 10 अगस्त को किया जाएगा। यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि डेविस कप रैंकिंग में दोनों टीमों के बीच ज्यादा फासला नहीं है। दक्षिण कोरिया फिलहाल 16वें स्थान पर है, जबकि भारत 19वें पायदान पर काबिज़ है। आपसी मुकाबलों के रिकॉर्ड (हेड-टू-हेड) में भी कोरियाई टीम 6-5 से मामूली बढ़त बनाए हुए है।
कोर्ट की सतह और पिछला प्रदर्शन
हार्ड कोर्ट पर मुकाबला होना एक अहम पहलू है, क्योंकि कोरियाई खिलाड़ी इस सतह पर खेलने में अधिक सहज माने जाते हैं। इससे पहले 2016 में जब दोनों टीमें भिड़ी थीं, तब भारत ने चंडीगढ़ में ग्रास कोर्ट चुना था और 4-1 से एशिया/ओशिनिया ग्रुप-वन का मैच जीता था। लेकिन इस बार हालात बिल्कुल अलग होंगे। दक्षिण कोरिया ने 2022 और 2023 में 16-टीमों वाले डेविस कप फाइनल्स के लिए क्वालिफाई करके अपनी क्षमता साबित की है।
वहीं, भारतीय टीम ने 2019 में शुरू हुए मौजूदा फॉर्मेट के तहत पहली बार क्वालिफायर्स के दूसरे दौर में पहुँचकर इतिहास रचा है। भारत ने फरवरी में बेंगलुरु में नीदरलैंड्स को 3-2 से मात दी थी। उस जीत के हीरो दक्षिणेश्वर सुरेश थे, जिन्होंने अपने दोनों सिंगल्स और युकी भांबरी के साथ डबल्स मैच जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। निर्णायक पांचवें मैच में उन्होंने गाइ डेन ओडेन को 6-4, 7-6(4) से हराकर भारत को जीत दिलाई थी।
दोनों टीमों का दूसरे दौर तक का सफर
भारत जहाँ नीदरलैंड्स पर रोमांचक जीत के बाद आत्मविश्वास से भरा है, वहीं दक्षिण कोरिया ने भी पहले दौर में एक बड़ा उलटफेर किया था। उसने बुसान में 2016 की चैंपियन अर्जेंटीना को 3-2 से हराकर सबको चौंका दिया। उस जीत में क्वोन सूनवू ने अहम भूमिका निभाई थी, जिन्होंने अपनी सैन्य सेवा के दौरान भी टीम को वापसी कराने में मदद की। अब भारत का लक्ष्य दुनिया की शीर्ष 8 टीमों में जगह बनाना है।
इनपुट: IANS


