जर्मनी में भारतीय टेनिस का परचम, पुनीत मनोहर ने जीता प्रतिष्ठित U-14 सुपर कैटेगरी डबल्स खिताब
भारतीय युवा टेनिस खिलाड़ी पुनीत मनोहर ने जर्मनी में एक बड़ा कारनामा करते हुए देश का नाम रोशन किया है। अपने दक्षिण कोरियाई जोड़ीदार मिंजियोन चोई के साथ मिलकर उन्होंने जर्मनी के ड्यूरेन शहर में आयोजि…
भारतीय युवा टेनिस खिलाड़ी पुनीत मनोहर ने जर्मनी में एक बड़ा कारनामा करते हुए देश का नाम रोशन किया है। अपने दक्षिण कोरियाई जोड़ीदार मिंजियोन चोई के साथ मिलकर उन्होंने जर्मनी के ड्यूरेन शहर में आयोजित 49वें 'इंटरनेशनल डॉयचे टेनिसमीस्टरशाफ्टन अंडर-14' डबल्स का प्रतिष्ठित खिताब जीत लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस टूर्नामेंट को टेनिस यूरोप के पाँच सबसे प्रतिष्ठित सुपर कैटेगरी आयोजनों में गिना जाता है, जो जूनियर सर्किट में इसकी अहमियत को दर्शाता है।
वर्ल्ड टेनिस/एटीएफ जीएसपीडीपी (ग्रैंड स्लैम प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम) टूरिंग टीम का प्रतिनिधित्व कर रही इस भारत-कोरियाई जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन किया। उनकी यह यूरोपीय खिताबी जीत राउंडग्लास टेनिस एकेडमी की प्रतिष्ठा को भी बढ़ाती है, जो वैश्विक मंच के लिए भारतीय प्रतिभाओं को तैयार करने का एक प्रमुख केंद्र है।
फाइनल तक का अजेय सफ़र
पुनीत और मिंजियोन ने खिताबी मुकाबले तक पहुँचने के लिए एक भी सेट नहीं गंवाया। उन्होंने 'राउंड ऑफ 16' में थाईलैंड और कोरिया की जोड़ी को 6-3, 6-1 से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कोलंबिया और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को 6-4, 6-2 से मात दी। सेमीफाइनल में भी उनका दबदबा कायम रहा, जहाँ उन्होंने इटली की जोड़ी यूलिस बारी और रुगेरो कोंडोरेली को 6-4, 6-2 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
खिताबी मुकाबले में निर्णायक बढ़त
ग्रैंड फाइनल में पुनीत और मिंजियोन का सामना मैक्सिको के पैट्रिसियो अल्वारेज शावेज और ब्राजील के विटोर मार्केस मोरेस से हुआ। भारतीय-कोरियाई जोड़ी ने मैच में आक्रामक शुरुआत करते हुए पहले ही गेम में 1-0 की बढ़त बना ली थी। इसी स्कोर पर उनके प्रतिद्वंद्वियों को चोट के कारण मैच से हटना पड़ा, जिसके बाद पुनीत और मिंजियोन को आधिकारिक तौर पर विजेता घोषित कर दिया गया।
इनपुट: IANS


