निर्मल पुर्जा: 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' वाले पर्वतारोही के पार्थिव शरीर को स्कार्दू लाया गया
पर्वतारोहण की दुनिया में अपने असाधारण कीर्तिमानों के लिए जाने जाने वाले निर्मल पुर्जा ‘निम्स दाई’ और चार अन्य पर्वतारोहियों के पार्थिव शरीरों को पाकिस्तान के ब्रॉड पीक से एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले जाया…
पर्वतारोहण की दुनिया में अपने असाधारण कीर्तिमानों के लिए जाने जाने वाले निर्मल पुर्जा ‘निम्स दाई’ और चार अन्य पर्वतारोहियों के पार्थिव शरीरों को पाकिस्तान के ब्रॉड पीक से एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले जाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 30 जुलाई को 6,600 मीटर की ऊंचाई पर एक विनाशकारी हिमस्खलन ने उनके दल को अपनी चपेट में ले लिया था, जब वे दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ाई कर रहे थे।
43 वर्षीय निर्मल पुर्जा 10 सदस्यों के एक दल का नेतृत्व कर रहे थे। कैंप-2 से कैंप-3 के रास्ते में हुए इस हादसे में उनकी दुखद मृत्यु हो गई। इस अभियान के साथ, पुर्जा सभी 14 आठ-हजारी चोटियों पर दो बार चढ़ने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बनकर इतिहास रचना चाहते थे, लेकिन यह प्रयास एक त्रासदी में समाप्त हुआ।
सबसे मुश्किल बचाव अभियान
पाकिस्तान के एल्पाइन क्लब (ACP) ने एक बयान में पुष्टि की कि एक बेहद चुनौतीपूर्ण रिकवरी ऑपरेशन के बाद शवों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से स्कार्दू के सीएमएच अस्पताल पहुंचाया गया है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, क्लब ने बताया, "ब्रॉड पीक पर सबसे मुश्किल रिकवरी ऑपरेशन के बाद, एल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान निर्मल पुर्जा, वांग झोंग, नीमा शेरपा, ग्यालू शेरपा और किल्ली पेम्बा ‘किलू’ शेरपा के शवों को हेलीकॉप्टर से स्कार्दू सीएमएच हॉस्पिटल पहुंचाने की पुष्टि करता है।"
बयान में आगे कहा गया कि ज़रूरी दस्तावेज़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीरों को इस्लामाबाद भेजा जाएगा, जहाँ से उन्हें उनके देश वापस भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बचाव अभियान आठवें दिन भी जारी है क्योंकि पाकिस्तानी पर्वतारोही सोहेल साखी और अमेरिकी सारा मैलोरी गीस अब भी लापता हैं।
पीड़ित परिवारों के लिए मदद
इस बीच, निर्मल पुर्जा की चैरिटी संस्था, निम्सदाई फाउंडेशन ने हिमस्खलन में जान गंवाने वाले माउंटेन गाइड्स के परिवारों की मदद के लिए एक वैश्विक फंड जुटाने का अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मकसद प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
ब्रिटिश गोरखा सैनिक रह चुके निर्मल पुर्जा 2019 में अपने 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हुए थे। उन्होंने महज़ छह महीने में दुनिया की सभी 14 आठ-हजारी चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
इनपुट: IANS


