एशियन गेम्स 2026: 'विरासत को बनाए रखना है', कप्तान सुनील कुमार के नेतृत्व में कबड्डी टीम की नज़र गोल्ड पर
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम 2026 के आइची-नागोया एशियन गेम्स में एक और स्वर्ण पदक अपने नाम करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरने के लिए तैयार है। टीम के कप्तान सुनील कुमार ने जीत का भरोसा जताते हुए कहा है…
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम 2026 के आइची-नागोया एशियन गेम्स में एक और स्वर्ण पदक अपने नाम करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरने के लिए तैयार है। टीम के कप्तान सुनील कुमार ने जीत का भरोसा जताते हुए कहा है कि छह से आठ महीने लंबे चले ट्रेनिंग कैंप ने खिलाड़ियों को अपनी रणनीति, तालमेल और व्यक्तिगत कौशल को निखारने का भरपूर मौका दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार टीम में अनुभव और युवा जोश का शानदार मिश्रण है।
27 वर्षीय राइट डिफेंडर सुनील कुमार उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थे, जिसने पिछले एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इस बार वह कप्तानी की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं। टीम में उनके अलावा तीन और खिलाड़ी अर्जुन देशवाल, असलम इनामदार और पवन सहरावत हैं, जो हांग्जो में गोल्ड जीतने वाली टीम का हिस्सा थे।
लंबी और ठोस तैयारी
कप्तान सुनील ने टीम की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने साई मीडिया से कहा, "तैयारी बहुत अच्छी रही है क्योंकि हमारे फेडरेशन और साई ने छह से आठ महीने पहले ही कैंप शुरू कर दिया था। हमने टीम के कॉम्बिनेशन और रणनीति की अच्छी योजना बनाई है। हमने पहले साई बेंगलुरु में प्रैक्टिस की, फिर ट्रेनिंग के लिए बेल्लारी गए, और फिर हमारा कैंप साई गांधीनगर में रहा।" इस लंबी तैयारी ने खिलाड़ियों को अपनी भूमिकाओं को समझने और टीम की सोच के साथ तालमेल बिठाने में मदद की है।
अनुभव और युवा का संगम
12 सदस्यीय टीम में प्रो कबड्डी लीग के जाने-माने चेहरे जैसे आशु मलिक, जयदीप दहिया, देवांक दलाल और राहुल सेठपाल भी शामिल हैं, जबकि अयान लोहचब युवा प्रतिभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सुनील का मानना है कि टीम में रेडिंग और डिफेंस, दोनों ही विभाग काफी मजबूत हैं। उन्होंने टीम वर्क पर जोर देते हुए कहा, "सिर्फ एक खिलाड़ी की कोशिश से जीत नहीं मिल सकती। इस बार, हमारी रेडिंग और डिफेंस दोनों ही टीमें काफी मजबूत हैं।"
विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
भारत का कबड्डी में एक गौरवशाली इतिहास रहा है, और टीम इस विरासत को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। कप्तान ने कहा, "हमारे सीनियर खिलाड़ियों ने टीम को एक अलग पहचान दी और भारत के लिए कई गोल्ड मेडल जीते। हम उस विरासत को बनाए रखना चाहते हैं, भारत के खाते में एक और गोल्ड मेडल जोड़ना चाहते हैं और उस रास्ते पर चलना चाहते हैं जो हमारे दिग्गजों ने बनाया है।" टूर्नामेंट का कबड्डी मुक़ाबला आइची प्रीफेक्चर के टोकाई शहर में होगा, जो 21 सितंबर से शुरू होकर 26 सितंबर को फाइनल के साथ समाप्त होगा।
इनपुट: IANS


