रविवार, 30 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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भारतीय सेना का 'मेडल-मशीन': पुणे का यह संस्थान कैसे बना चैंपियनों की खान?

ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय सेना के एथलीटों ने 8 गोल्ड समेत कुल 16 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। यह शानदार प्रदर्शन कोई एक दिन का कमाल नहीं, बल्कि पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स…

भारतीय सेना का 'मेडल-मशीन': पुणे का यह संस्थान कैसे बना चैंपियनों की खान?
(फोटो: IANS)

ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय सेना के एथलीटों ने 8 गोल्ड समेत कुल 16 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। यह शानदार प्रदर्शन कोई एक दिन का कमाल नहीं, बल्कि पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) में वर्षों से चल रही वैज्ञानिक योजना, कड़े अनुशासन और बेहतरीन ट्रेनिंग का नतीजा है। भारत के कुल पदकों में से 41 प्रतिशत हिस्सेदारी सेना के इन खिलाड़ियों की रही, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह संस्थान देश की सर्वश्रेष्ठ खेल नर्सरी क्यों है।

साल 2005 में भारतीय सेना के एक प्रमुख प्रोजेक्ट के तौर पर स्थापित यह संस्थान सिर्फ एथलीट नहीं, बल्कि विश्व स्तरीय चैंपियन तैयार करने के मिशन पर काम कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ASI की सफलता का राज़ एथलीट के विकास के हर पहलू पर एक ही जगह ध्यान केंद्रित करना है। यहां बेहतरीन कोचिंग के साथ-साथ स्पोर्ट्स साइंस, न्यूट्रिशन, मनोविज्ञान, बायोमैकेनिक्स और परफॉर्मेंस एनालिसिस जैसी आधुनिक सुविधाओं का एक समग्र इकोसिस्टम मौजूद है, जो हर खिलाड़ी की क्षमता को चरम तक पहुंचाता है।

बॉक्सिंग में ASI का दबदबा

आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बॉक्सिंग में देखने को मिली है। संस्थान का टैलेंट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम देशभर से प्रतिभाशाली युवाओं को चुनता है और 'बॉयज एंड गर्ल्स स्पोर्ट्स कंपनीज' के माध्यम से उन्हें तराशता है। ग्लासगो में सेना के मुक्केबाजों ने 8 पदक जीतकर भारतीय बॉक्सिंग अभियान की रीढ़ की हड्डी के तौर पर काम किया। उनके प्रदर्शन में तकनीकी महारत के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी साफ दिखी, जो सैन्य प्रशिक्षण की पहचान है। भारतीय बॉक्सिंग टीम ने इन खेलों में कुल सात स्वर्ण और तीन रजत पदक के साथ अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

ग्लासगो 2026 में सेना के पदक विजेता

भारतीय दल में शामिल सेना के 20 प्रतिभागियों में से 16 ने पदक जीते, जिनका विवरण इस प्रकार है:

स्वर्ण पदक विजेता:

  • हवलदार हर्ष (जूडो, 60 किग्रा)
  • नायब सूबेदार प्रीति (बॉक्सिंग, 54 किग्रा)
  • नायब सूबेदार जैस्मिन (बॉक्सिंग, 57 किग्रा)
  • सूबेदार सोमन राणा (पैरा शॉटपुट)
  • हवलदार साक्षी (बॉक्सिंग, 51 किग्रा)
  • हवलदार अरुंधति (बॉक्सिंग, 70 किग्रा)
  • हवलदार सचिन (बॉक्सिंग, 60 किग्रा)
  • हवलदार अंकुश (बॉक्सिंग, 80 किग्रा)

रजत पदक विजेता:

  • नायब सूबेदार सर्वेश (हाई जंप)
  • नायब सूबेदार गुलवीर (10,000 मीटर दौड़)
  • हवलदार अजय बाबू (वेटलिफ्टिंग, स्नैच में 149 किग्रा के गेम्स रिकॉर्ड के साथ)
  • लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा (जैवलिन थ्रो)
  • हवलदार जदुमणी (बॉक्सिंग)
  • लांस नायक शुभम जुयाल (पैरा शॉटपुट)
  • सूबेदार नरेंद्र (बॉक्सिंग, +90 किग्रा)

कांस्य पदक विजेता:

  • नायब सूबेदार गुलवीर (5,000 मीटर दौड़)

इनपुट: IANS

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News4Social स्पोर्ट्स डेस्क

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