CWG 2026: मुक्केबाज़ों के 7 गोल्ड मेडल से भारत की ऐतिहासिक छलांग, पीटी उषा ने कहा - यह सुनहरा दिन है
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ों के ऐतिहासिक प्रदर्शन ने देश को पदक तालिका में ज़बरदस्त उछाल दिया है। शनिवार को एक ही दिन में मुक्केबाज़ों ने 7 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जिससे भार…
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ों के ऐतिहासिक प्रदर्शन ने देश को पदक तालिका में ज़बरदस्त उछाल दिया है। शनिवार को एक ही दिन में मुक्केबाज़ों ने 7 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जिससे भारत तालिका में 10वें स्थान से सीधे चौथे स्थान पर पहुँच गया। इस शानदार उपलब्धि पर भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने गहरी खुशी और गर्व ज़ाहिर किया है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटी उषा ने ग्लासगो में भारतीय दल के प्रदर्शन को 'भारत के लिए एक सुनहरा दिन' बताया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई भारतीय एथलीट स्वर्ण पदक जीतता है और पोडियम पर राष्ट्रगान बजता है, तो यह पूरे देश के लिए बेहद गर्व का क्षण होता है। उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, "मैं शब्दों में पूरी तरह से बयां नहीं कर सकती कि मैं कितना गर्व और खुशी महसूस कर रही हूं।"
मुक्केबाज़ों का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
शनिवार का दिन भारत के लिए यादगार बन गया, जब देश ने कुल 16 पदक अपने नाम किए। इनमें से 10 पदक अकेले मुक्केबाज़ों ने दिलाए, जिसमें 7 स्वर्ण शामिल थे। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के मुक्केबाज़ी मुक़ाबलों में भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। सीमित स्पर्धाओं में भाग लेने के बावजूद, भारत ने कुल 39 पदक जीते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश की बढ़ती ताक़त को दर्शाता है।
सफलता के पीछे का इकोसिस्टम
महान धावक से प्रशासक बनीं पीटी उषा ने इस सफलता का श्रेय मज़बूत प्रशासनिक समर्थन को दिया। उन्होंने एथलीटों को लगातार प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। उषा ने कहा, "हमारी सरकार और खुद प्रधानमंत्री एथलीटों को प्रेरित करते हैं, उनके लौटने पर उन्हें बधाई देते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि उन्हें हर ज़रूरी समर्थन मिले।"
IOA प्रमुख ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि हर खिलाड़ी की सफलता के पीछे कोच, डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट और मेंटल ट्रेनर जैसी एक पूरी टीम काम करती है। उन्होंने कहा कि सरकार, IOA और विभिन्न खेल संघों के मिले-जुले सहयोग से ही खिलाड़ियों को वह समर्थन मिल पा रहा है, जिसके वे हक़दार हैं।
इनपुट: IANS


