डकार यूथ ओलंपिक 2026: 17 भारतीय युवा एथलीट 11 खेलों में दिखाएंगे दम, IOA ने की दल की घोषणा
सेनेगल की राजधानी डकार में 2026 में होने वाले समर यूथ ओलंपिक गेम्स के लिए भारतीय दल की घोषणा कर दी गई है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने बताया है कि इन खेलों में 11 अलग-अलग स्पर्धाओं में कुल 17 युवा…
सेनेगल की राजधानी डकार में 2026 में होने वाले समर यूथ ओलंपिक गेम्स के लिए भारतीय दल की घोषणा कर दी गई है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने बताया है कि इन खेलों में 11 अलग-अलग स्पर्धाओं में कुल 17 युवा एथलीट भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, IOA ने सभी खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई है कि यह दल देश का नाम रोशन करेगा।
यह आयोजन ओलंपिक आंदोलन के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा, क्योंकि यह अफ्रीकी महाद्वीप पर आयोजित होने वाला पहला ओलंपिक इवेंट है। 31 अक्टूबर से 13 नवंबर तक चलने वाले इन खेलों में 207 देशों के करीब 2,700 युवा एथलीटों के 25 खेलों में हिस्सा लेने की उम्मीद है।
भविष्य के चैंपियनों पर नज़र
यूथ ओलंपिक गेम्स उन एथलीटों के लिए एक बड़ा मंच है जिनकी उम्र 17 वर्ष या उससे कम होती है। डकार के लिए तैयारी कर रहे भारतीय दल में टेबल टेनिस खिलाड़ी सार्थक आर्य जैसे कई होनहार खिलाड़ी शामिल हैं। अपने भविष्य के लक्ष्यों पर बात करते हुए सार्थक ने कहा, "यूथ ओलंपिक मेरे सफर में एक अहम पड़ाव होगा। मेरा सपना है कि मैं 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और फिर 2032 में ब्रिस्बेन में होने वाले ओलंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करूं।" उन्होंने आगे कहा, "अगर भारत को 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने का मौका मिलता है, तो अपने देश में खेलते हुए ओलंपिक मेडल जीतना वाकई बहुत खास होगा।"
खेल कूटनीति का भी मौका
IOA अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा, "डकार 2026 हमारे युवा एथलीट्स के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। वे भारतीय खेलों के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं, और इन्हीं के बीच से ऐसे चैंपियन निकल सकते हैं जो ब्रिस्बेन 2032 और उसके बाद भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।" उन्होंने पूरे दल को शुभकामनाएँ दीं और आयोजन समिति की सफलता की कामना की। इन खेलों के दौरान पीटी उषा के नामीबिया और मॉरीशस जैसे कई अफ्रीकी देशों के साथ खेल सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने की भी उम्मीद है। यह आयोजन भारत को दुनिया भर की राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के साथ जुड़ने और एथलीट विकास के मॉडल पर चर्चा करने का अवसर भी देगा।
इनपुट: IANS


