रेलवे की इंसानियत: वंदे भारत एक्सप्रेस दो दिन में दूसरी बार बनी 'जीवन-वाहिनी'
अहमदाबाद में एक मरीज़ को नई ज़िंदगी देने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर 'जीवन-वाहिनी' बनी। महज़ दो दिनों के भीतर यह दूसरा मौका है जब देश की इस हाई-स्पीड ट्रेन के ज़रिए दान किए गए दिल को…
अहमदाबाद में एक मरीज़ को नई ज़िंदगी देने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर 'जीवन-वाहिनी' बनी। महज़ दो दिनों के भीतर यह दूसरा मौका है जब देश की इस हाई-स्पीड ट्रेन के ज़रिए दान किए गए दिल को प्रत्यारोपण के लिए एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार दिल को अंकलेश्वर से अहमदाबाद के एक अस्पताल तक पहुंचाया गया ताकि एक बेहद ज़रूरी हार्ट ट्रांसप्लांट ऑपरेशन समय पर हो सके।
यह मामला 2 अगस्त का है, जब अंकलेश्वर के जयाबेन मोदी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल से मिले एक दान किए गए हृदय को ट्रेन नंबर 20901 मुंबई-गांधीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के ज़रिए रवाना किया गया। इसे अहमदाबाद के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में एक मरीज़ को प्रत्यारोपित किया जाना था।
एक स्टेशन, एक खास पड़ाव
इस जीवन-रक्षक मिशन के लिए एक असाधारण कदम उठाया गया। वंदे भारत एक्सप्रेस, जो सामान्य तौर पर अंकलेश्वर में नहीं रुकती, को वहां एक विशेष स्टॉप दिया गया। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि कीमती अंग को बिना किसी देरी के ट्रेन के कोच ई-01 में सुरक्षित रूप से रखा जा सके।
अहमदाबाद स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही एक सुनियोजित अभियान शुरू हुआ। रेलवे के वाणिज्यिक कर्मचारियों, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और गुजरात पुलिस ने मिलकर प्लेटफॉर्म 1 से एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इस कॉरिडोर की मदद से दिल को कम से कम समय में यूएन मेहता अस्पताल तक पहुंचाया गया, जहां विशेषज्ञों की मेडिकल टीम प्रत्यारोपण के लिए तैयार थी।
परंपरा बनती रफ्तार
यह घटना ठीक दो दिन पहले हुए एक और ऐतिहासिक प्रत्यारोपण के बाद हुई है। उस समय भी इसी वंदे भारत सेवा का उपयोग करके एक जीवित हृदय को सूरत से अहमदाबाद लाया गया था, जिसे अधिकारियों ने 'भारत में ट्रेन से दान किए गए हृदय का पहला परिवहन' बताया था। पश्चिम रेलवे ने कहा कि इस तरह के अभियानों की सफलता साबित करती है कि वंदे भारत जैसी आधुनिक, तेज और समयबद्ध सेवाएं अब सिर्फ यात्री परिवहन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इनपुट: IANS


