जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा पुरी, लाखों भक्तों के बीच शुरू हुई भगवान की घर वापसी 'बहुदा यात्रा'
नौ दिनों तक गुंडिचा मंदिर में रहने के बाद महाप्रभु जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ वापस श्रीमंदिर लौट रहे हैं। शुक्रवार को ओडिशा के पुरी में भगवान की इस भव्य वापसी यात्रा, जिसे…
नौ दिनों तक गुंडिचा मंदिर में रहने के बाद महाप्रभु जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ वापस श्रीमंदिर लौट रहे हैं। शुक्रवार को ओडिशा के पुरी में भगवान की इस भव्य वापसी यात्रा, जिसे 'बहुदा यात्रा' कहते हैं, का शुभारंभ हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस अद्भुत क्षण का साक्षी बनने के लिए पुरी में लाखों श्रद्धालुओं का सागर उमड़ पड़ा है, और पूरा शहर "जय जगन्नाथ" व "हरि बोल" के जयकारों से गूंज रहा है।
यह यात्रा 'पहांडी बीजे' अनुष्ठान के साथ शुरू हुई, जिसमें देवी-देवताओं को पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुंडिचा मंदिर से उनके रथों तक लाया गया। भक्ति में डूबे श्रद्धालु कीर्तन और नृत्य कर रहे थे, जबकि ओडिशी कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियां दीं।
परंपरा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
एक महत्वपूर्ण रस्म 'छेरा पहंरा' भी निभाई जाएगी, जिसमें पुरी के गजपति महाराज दिव्य सिंह देव सोने की झाड़ू से रथों की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। इस अनुष्ठान के पूरा होने के बाद ही श्रद्धालु तीनों भव्य रथों को खींचकर गुंडिचा मंदिर से श्री जगन्नाथ मंदिर तक ले जाएंगे। मंदिर और जिला प्रशासन ने सभी धार्मिक अनुष्ठानों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरी तैयारी की है।
केंद्रीय रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सत्यजीत नाइक ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बहुदा यात्रा, सुना बेशा और अन्य प्रमुख अनुष्ठानों के लिए कुल 223 पुलिस बलों की तैनाती की गई है, जो भीड़ प्रबंधन से लेकर तटीय सुरक्षा तक हर पहलू पर नजर रखेंगे।
लाखों श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान
प्रशासन का अनुमान है कि शुक्रवार को बहुदा यात्रा के दौरान पुरी में लगभग सात लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं, शनिवार को होने वाले 'सुना बेशा' अनुष्ठान के लिए यह संख्या बढ़कर 10 लाख से भी अधिक हो सकती है, जब भगवान अपने स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
इनपुट: IANS


