सलमान खान ने 'मातृभूमि' पर सरकारी दबाव की खबरों को बताया 'बकवास', कहा- स्क्रिप्ट बदलने की बात झूठी
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपनी आने वाली फिल्म 'मातृभूमि' की स्क्रिप्ट में सरकारी दबाव के चलते बदलाव किए जाने की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ किया कि ये खबरें पूरी तरह झूठी हैं…
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपनी आने वाली फिल्म 'मातृभूमि' की स्क्रिप्ट में सरकारी दबाव के चलते बदलाव किए जाने की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ किया कि ये खबरें पूरी तरह झूठी हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को मुंबई के अंधेरी वेस्ट में फिल्म के सह-कलाकारों के साथ एक विशेष कार्यक्रम में सलमान ने इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा, "यह बात कि हम चीन के खिलाफ जा रहे हैं या हमारी सरकार ने हम पर स्क्रिप्ट बदलने और उसे फिर से लिखने का दबाव डाला है, यह सब बकवास है। इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है।"
किस बारे में है फिल्म?
सलमान ने फिल्म की कहानी पर रोशनी डालते हुए बताया कि यह दोनों तरफ के सैनिकों के अनुभवों पर आधारित है। उन्होंने कहा, "हमने सैनिकों, उनके परिवारों और वे किन हालात से गुजरते हैं, दोनों तरफ के सैनिकों के अनुभवों पर एक फिल्म बनाई है। इसलिए, इसमें कोई नकारात्मक ताकतें शामिल नहीं हैं।" अभिनेता ने आगे जोड़ा कि फिल्म में परिस्थितियां भले ही नकारात्मक हों, लेकिन ऐसे समय में सैनिकों के लिए उनका देश सबसे पहले आता है। उन्होंने बताया, "वे एक-दूसरे को पसंद करते हैं, लेकिन जब ऐसी स्थिति आती है तो राष्ट्र सर्वोपरि हो जाता है और दोनों पक्ष इस मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।"
गलवान घाटी की घटना पर आधारित
इस फिल्म का पहला शीर्षक 'गलवान' था। यह 15 जून, 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए हिंसक टकराव पर आधारित है। यह घटना भारत में कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान हुई थी और वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर चल रहे एक बड़े सीमा विवाद का हिस्सा थी। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे, जबकि चीनी पक्ष को भी नुकसान हुआ था। यह चार दशकों से ज्यादा समय में दोनों देशों के बीच हुआ सबसे घातक टकराव था, जिसके बाद तनाव काफी बढ़ गया था।
इनपुट: IANS


