गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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पहाड़ी जिले के इस नौजवान किसान ने किया कमाल, खीरे के एक ही पौधे से 100 किलो पैदावार का दावा

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले की एक दूरदराज पहाड़ी से खेती में नवाचार की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहाँ के गुंडोह इलाके के रहने वाले महज 19 साल के किसान यावर सलीम ने एक ऐसा दावा किया है जो खेती…

पहाड़ी जिले के इस नौजवान किसान ने किया कमाल, खीरे के एक ही पौधे से 100 किलो पैदावार का दावा
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले की एक दूरदराज पहाड़ी से खेती में नवाचार की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहाँ के गुंडोह इलाके के रहने वाले महज 19 साल के किसान यावर सलीम ने एक ऐसा दावा किया है जो खेती की दुनिया में नई उम्मीदें जगा सकता है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, यावर ने खीरे का एक खास हाइब्रिड पौधा तैयार किया है, जिससे एक ही पौधे से करीब 100 किलोग्राम तक की पैदावार मिल सकती है।

यावर का परिवार पीढ़ियों से खेती-किसानी से जुड़ा रहा है और उन्हें खुद बचपन से ही इसमें गहरी रुचि थी। इसी जुनून के चलते उन्होंने खीरे की दो अलग-अलग हाइब्रिड किस्मों को मिलाकर एक नया पौधा विकसित करने का प्रयोग किया। उनका दावा है कि यह प्रयोग सफल रहा और अब एक ही पौधे से बंपर पैदावार हो रही है, जो सामान्य से कई गुना ज़्यादा है।

खेती से बदली आर्थिक तस्वीर

इस नई तकनीक का असर यावर के परिवार की आमदनी पर भी दिख रहा है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खीरे बेचकर लाखों रुपये कमा रहा है और इसी खेती पर उनकी आजीविका निर्भर है। यावर का मानना है कि अगर अन्य किसान भी इस तरह के आधुनिक तरीके अपनाएँ, तो उनकी भी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

बाजार में खीरे की कीमत औसतन 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम रहती है। इस हिसाब से यावर का गणित साफ है — अगर एक पौधे से 100 किलो खीरा मिलता है, तो सिर्फ एक पौधे से ही लगभग 4,000 रुपये की कमाई हो सकती है। उन्होंने कहा, "यदि कोई किसान ऐसे 10 पौधे भी लगा ले, तो उसकी कमाई 40 हजार रुपये तक पहुंच सकती है।"

दूसरे किसानों के लिए एक संदेश

यावर सलीम अब अपने इस सफल प्रयोग को सिर्फ खुद तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका सपना है कि यह तकनीक देश और दुनिया के कोने-कोने में फैले, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा किसानों को इसका फायदा मिल सके। वह अन्य किसानों से खेती के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नए और आधुनिक उपायों को भी अपनाने की अपील करते हैं।

इनपुट: IANS

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