साहित्य नोबेल 2026: क्लासिक परंपरा में आधुनिकता घोलने वाली कनाडाई लेखिका ऐन कार्सन को मिला सर्वोच्च सम्मान
साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान, नोबेल पुरस्कार 2026 की विजेता कनाडाई लेखिका ऐन कार्सन बनी हैं। गुरुवार को स्वीडिश अकादमी ने उनके नाम का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें यह पुरस्कार उनके "बेबाक और नए…
साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान, नोबेल पुरस्कार 2026 की विजेता कनाडाई लेखिका ऐन कार्सन बनी हैं। गुरुवार को स्वीडिश अकादमी ने उनके नाम का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें यह पुरस्कार उनके "बेबाक और नए प्रयोगों" के लिए दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अकादमी ने कार्सन के उस हुनर को सराहा है जिसमें वे शास्त्रीय साहित्य की परंपरा को नए दौर के साथ मिलाकर समकालीन लेखन को एक नया आकार देती हैं।
1950 में टोरंटो में जन्मी ऐन कार्सन ने अपने पूरे करियर में कविता, अनुवाद और अकादमिक अध्यापन, तीनों भूमिकाओं को एक साथ निभाया है। उनका लेखन एक भाषाविद के तौर पर शब्दों के प्रति गहरे जुनून और एक कवि के रूप में नए अर्थ तलाशने की उनकी दृष्टि का संगम है। उन्होंने खुद भी यह माना है कि शब्दों की व्युत्पत्ति (etymology) ही उनके हर काम का शुरुआती बिंदु रही है।
साहित्य में पुराने और नए का संगम
कार्सन की सबसे बड़ी खूबी अलग-अलग युगों के लेखकों को एक ही रचना में एक साथ पिरो देना है। मिसाल के तौर पर, उन्होंने 2000 में आई अपनी रचना 'मेन इन द ऑफ आवर्स' में प्राचीन यूनानी इतिहासकार थ्यूसीडिडीज को आधुनिक लेखिका वर्जीनिया वूल्फ के साथ जोड़ा। इसी तरह, 1999 की 'इकोनॉमी ऑफ द अनलॉस्ट' में उन्होंने प्राचीन कवि सिमोनाइड्स और आधुनिक कवि पॉल सेलान को एक मंच पर ला दिया। इन प्रयोगों के जरिए उन्होंने पुराने और नए साहित्य के बीच एक अनूठा पुल बनाने का काम किया है।
नोबेल पुरस्कार की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, 1986 में प्रकाशित उनकी किताब 'इरोस द बिटरस्वीट' को एक बेहतरीन साहित्यिक कृति माना जाता है। इसमें उन्होंने प्राचीन ग्रीक साहित्य के माध्यम से प्रेम और इच्छा के मर्म को समझाया था। उनके मुताबिक, प्रेम में खुशी और पीड़ा दोनों का अनुभव एक साथ हो सकता है।
पुरस्कार और सम्मान
ऐन कार्सन को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिसंबर में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार में एक मेडल, एक डिप्लोमा और 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 11.5 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि शामिल है। गौरतलब है कि स्वीडिश अकादमी नामांकित लेखकों की कोई सूची जारी नहीं करती और इससे जुड़ी सारी जानकारी 50 साल तक गोपनीय रखी जाती है। इसलिए, 2026 के लिए नामांकित अन्य लेखकों के नाम 2076 में ही सामने आएंगे।
इनपुट: IANS


