पेरिस में पोप की प्रार्थना सभा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 7 लाख लोगों ने लिया हिस्सा
फ्रांस की राजधानी पेरिस शनिवार को पोप लियो XIV की ऐतिहासिक यात्रा की गवाह बनी, जहां प्लेस द ला कॉनकॉर्ड में आयोजित एक विशाल प्रार्थना सभा में करीब 7 लाख लोग शामिल हुए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
फ्रांस की राजधानी पेरिस शनिवार को पोप लियो XIV की ऐतिहासिक यात्रा की गवाह बनी, जहां प्लेस द ला कॉनकॉर्ड में आयोजित एक विशाल प्रार्थना सभा में करीब 7 लाख लोग शामिल हुए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पोप की चार दिवसीय फ्रांस यात्रा के इस मुख्य कार्यक्रम में उम्मीद से कहीं ज़्यादा लोग जुटे, जबकि पंजीकरण लगभग 6 लाख लोगों ने ही कराया था।
पोप लियो XIV अपने विशेष वाहन 'पॉपमोबाइल' में सवार होकर पेरिस के प्रसिद्ध एवेन्यू डेस शांज-एलीजे से गुज़रते हुए प्रार्थना स्थल तक पहुँचे। लगभग 1.9 किलोमीटर लंबे इस रास्ते पर श्रद्धालुओं का हुजूम झंडे लहराकर उनका स्वागत कर रहा था। यह पिछले दो दशकों में किसी पोप की पहली आधिकारिक फ्रांस यात्रा है, जो 25 सितंबर को शुरू हुई थी।
मानवीयता और तकनीक पर संदेश
अपनी यात्रा के दौरान पोप ने आधुनिक तकनीक और मानवीय गरिमा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर आगाह करते हुए कहा, "मशीनों की दुनिया के बढ़ते प्रभाव के बीच इंसान को अपनी मानवता नहीं खोनी चाहिए।" इससे पहले भी वे AI के विकास में मानवीय गरिमा और शांति को प्राथमिकता देने की वकालत कर चुके हैं।
यात्रा के अन्य पड़ाव और कार्यक्रम
पेरिस का यह भव्य आयोजन पोप की फ्रांस यात्रा का एकमात्र पड़ाव नहीं है। शुक्रवार को भी उनके पॉपमोबाइल के गुज़रने के दौरान करीब 3 लाख लोग सड़कों पर मौजूद थे और उन्होंने नोट्रे-डाम कैथेड्रल में भी एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पेरिस के बाद पोप शनिवार शाम को लूर्द पहुँचे, जहाँ रविवार को उनका कार्यक्रम तय है।
इस यात्रा का एक संवेदनशील पहलू चर्च से जुड़े यौन शोषण के मामले भी हैं। रविवार को लूर्द में पोप की सात ऐसे लोगों से मुलाकात प्रस्तावित है, जो पादरियों या चर्च के अन्य सदस्यों द्वारा यौन शोषण का शिकार हुए हैं। उनकी यह यात्रा 28 सितंबर को मेट्ज़ शहर में समाप्त होगी।
इनपुट: IANS


